Kolkata Godown Collapse: दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके (Kolkata Taratala Godown Collapse) में हुआ भीषण गोदाम हादसा अब और दर्दनाक होता जा रहा है। मलबे से शवों के निकलने का सिलसिला जारी है और इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 9 हो चुकी है। वहीं, 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कई मजदूर दबे हो सकते हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
इस मामले में कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) ने सख्त रुख अपनाते हुए खुद (Suo Motu) एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने अब तक 5 जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अयान ट्रेडर्स का सुपरवाइजर गुलजार हुसैन, स्ट्रक्चर फैब्रिकेटर कमल सामंतो, जमीन का पट्टाधारक शंभूनाथ बेहरा, लेबर सप्लायर दिवाकर भंडारी और नगर निगम से प्लान पास कराने वाला दलाल अब्दुल हमीद शामिल हैं। मामले की गहराई से जांच के लिए पुलिस विभाग ने एक 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो सीधे डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर की देखरेख में रोज की प्रगति रिपोर्ट तैयार करेगा।
PMO ने मृतकों के परिजनों को दिया 2 लाख रुपये
इस हादसे पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि इस दर्दनाक घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हादसे के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत भी गरमा गई है।
सभी निर्माणाधीन बिल्डिंग प्लान पर 31 जुलाई तक रोक
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए घोषणा की है कि पिछली ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान मंजूर किए गए सभी निर्माणाधीन बिल्डिंग प्लान पर 31 जुलाई तक तुरंत रोक लगा दी गई है। इन सभी परियोजनाओं का नए सिरे से सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी साफ कहा कि पिछली सरकार की गलतियों की कीमत राज्य की जनता अपने खून से नहीं चुकाएगी। फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों की जान बचाने पर केंद्रित है।
