INDIA Alliance Meeting: इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और ईवीएम के मुद्दे पर तीखे सवाल उठाए। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ के सिद्धांत पर टिकी है और इसे कमजोर नहीं होने दिया जा सकता।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देशभर में मतदाता सूची में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी ने महादेवपुरा, आलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र में मतदाता सूची से जुड़े मामलों को सबूतों के साथ उठाया, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस ने SIR को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं को अपने नाम और पात्रता दोबारा साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पार्टी ने दावा किया कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। कांग्रेस ने मांग की कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे उचित नोटिस, कारण बताने और अपील का प्रभावी अधिकार दिया जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर भी निशाना साधा। पार्टी ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों ने 10 महीने में 14 बार पत्र लिखे हैं और इसे आयोग के भीतर गंभीर मतभेद का संकेत बताया। कांग्रेस ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से हटाया जाना चाहिए और उन्हें खुद इस्तीफा देना चाहिए।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर भी सवाल
कांग्रेस ने 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली चयन समिति से CJI को हटाकर एक केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया।
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग का केवल स्वतंत्र होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका स्वतंत्र दिखाई देना भी जरूरी है।
पहली बार वोट देने वाले युवाओं का मुद्दा
कांग्रेस ने पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया में बदलाव का मुद्दा भी उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि नए नियम युवाओं के लिए मतदाता के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया को कठिन बना रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि पहली बार वोट देने वाले युवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल और सुगम होनी चाहिए।
ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की मांग
INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस ने ईवीएम को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। पार्टी ने कहा कि चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल को समाप्त कर बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया में लोगों का भरोसा मजबूत हो।
INDIA गठबंधन के सामने रखी छह मांगें
कांग्रेस ने गठबंधन के सामने छह प्रमुख मांगें रखीं:
- SIR से पहले की मतदाता सूची को भविष्य के चुनावों में इस्तेमाल किया जाए।
- मतदाता सूची में बदलाव की पूरी जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर सार्वजनिक की जाए।
- किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले नोटिस, कारण और अपील का अधिकार मिले।
- प्रशासनिक खामियों के कारण योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हों।
- ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराया जाए।
- चुनाव आयोग में संस्थागत जवाबदेही और सभी दलों का विश्वास सुनिश्चित किया जाए।
कांग्रेस ने बैठक में कहा कि “बैलेट जनता का है, जनादेश जनता का है और सरकार की शक्ति अंततः जनता के हाथों में है।” पार्टी ने INDIA गठबंधन के दलों से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करने की अपील की।
