Gujarat Three Missing Ethiopia Donkey Route: महेसाणा से अमेरिका जाने के लिए निकले युवक-युवती समेत तीन गुजरातियों के इथियोपिया में कथित अपहरण का मामला सामने आया है। परिवार का दावा है कि अपहरणकर्ताओं ने करीब ₹1 करोड़ की फिरौती मांगी थी और अब तक करीब ₹60 लाख का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद पिछले कई दिनों से तीनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
मामले में महेसाणा के वडस्मा गांव के मूल निवासी और फिलहाल अहमदाबाद में रहने वाले 23 वर्षीय ऋत्विक शैलेषभाई जनसारी, गोजारिया की ममता चिरागभाई चावड़ा और गांधीनगर की गोपी नाम की युवती के नाम सामने आए हैं। परिवार के मुताबिक, तीनों 20 सितंबर को एजेंट अल्पेश पटेल के जरिए अमेरिका जाने के लिए घर से निकले थे।
बताई गई जानकारी के अनुसार, तीनों पहले गुजरात से जयपुर पहुंचे। इसके बाद जयपुर से फ्लाइट लेकर अबूधाबी और फिर इथियोपिया के अदीस अबाबा पहुंचे। आरोप है कि इथियोपिया के एक गेस्ट हाउस में डंकी नेटवर्क से जुड़े एजेंटों ने तीनों का अपहरण कर लिया।
इसके बाद खान नाम के एक एजेंट ने परिवार से संपर्क कर करीब ₹1 करोड़ की फिरौती मांगी। ऋत्विक के चाचा राकेशभाई के मुताबिक, परिवार अब तक करीब ₹60 लाख का भुगतान कर चुका है।
22 सितंबर को ऋत्विक से हुई थी आखिरी बात
ऋत्विक के चाचा राकेशभाई ने बताया कि वह 20 सितंबर के आसपास घर से निकला था और जयपुर से फ्लाइट लेकर इथियोपिया गया था। करीब दो दिन बाद परिवार को उसके अपहरण की जानकारी मिली।
राकेशभाई के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने करीब ₹1 करोड़ की मांग की थी। परिवार ने अब तक करीब ₹60 लाख दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि ऋत्विक से आखिरी बार 22 सितंबर को बात हुई थी। इसके बाद करीब दो दिनों से परिवार को कोई फोन नहीं आया है। परिवार ने सरकार से तीनों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की अपील की है।
₹70 लाख देने के बाद एक युवक को किया गया मुक्त
मामला उस समय सामने आया जब इसी तरह अपहरण का शिकार हुए एक अन्य युवक के परिवार ने करीब ₹70 लाख की रकम चुकाई और उसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसे मुक्त कर दिया।
गुजरात लौटने के बाद उस युवक ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी, जिसके बाद इथियोपिया में गुजरातियों के कथित अपहरण का यह मामला सामने आया।
महेसाणा का एजेंट पुलिस के रडार पर
तीनों को अमेरिका भेजने की प्रक्रिया में महेसाणा के एजेंट अल्पेश पटेल की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार, अल्पेश पटेल ने तीनों को अमेरिका भेजने का काम वडोदरा के रहने वाले भार्गव पटेल को सौंपा था। प्रत्येक व्यक्ति के लिए ₹75 लाख की रकम तय किए जाने की बात भी पुलिस के सामने आई है।
लांघणज पुलिस स्टेशन के अंकुश गेहलोत के मुताबिक, किरीटभाई दशरथभाई चौहान की शिकायत पर लांघणज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत नंबर 65/26 बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, किरीटभाई के दामाद चिराग कुमार करीब छह महीने पहले स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका गए थे। इसके बाद उनकी बेटी ममता भी अमेरिका जाना चाहती थी, लेकिन उसका वीजा छह बार रिजेक्ट हुआ। इसके बाद परिवार ने कथित तौर पर उसे गैरकानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का फैसला किया।
पुलिस के मुताबिक, परिवार ने पहले जीतुभाई से संपर्क किया और जीतुभाई ने अल्पेश पटेल से संपर्क कराया। इसके बाद अल्पेश ने वडोदरा निवासी भार्गव पटेल से संपर्क किया।
ममता से 22 सितंबर को हुई थी बात
पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर को ममता, ऋत्विक और मयूरी नाम की युवती अमेरिका जाने के लिए घर से निकले थे। 22 सितंबर को किरीटभाई की अपनी बेटी ममता से बात हुई थी। पुलिस के अनुसार, ममता ने बताया था कि वह कनाडा पहुंच गई है। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया। मामले में पुलिस द्वारा जांच और तलाश की जा रही है। वहीं, परिवार तीनों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से मदद की मांग कर रहा है।
