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Kolkata Lady Doctor rape and murder: देशव्यापी हड़ताल पर रेजिडेंट डॉक्टर्स, RML-सफदरजंग समेत दिल्ली के 10 सरकारी अस्पताल बंद, लखनऊ में भी बवाल

Kolkata Lady Doctor rape and murder Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज सरकारी अस्पताल के सेमीनार हॉल में बृहस्पतिवार रात को 32 वर्षीय डॉक्टर का शव अर्द्ध नग्न हालत में मिला था। इस मामले में रेजिडेंट डॉक्टरों में गुस्सा है। सोमवार से रेजिडेंट डॉक्टरों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए देशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है।

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दिल्ली AIIMS में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल।

Photo : ANI

Kolkata Lady Doctor rape and murder Case: कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या मामले में पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक बवाल जारी है। सोमवार को रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अनिश्चतकालीन हड़ताल शुरू कर दी। दिल्ली से लेकर लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में रेजिडेंट डॉक्टर्स सड़क पर उतर आए और इस मामले में सीबीआई जांच और डॉक्टरों को उचित सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल के चलते कई सरकारी अस्पतालों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने एक बयान में बताया कि दिल्ली में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, वीएमएमसी और सफदरजंग हॉस्पिटल, दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल, जीटीबी, इहबास, डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर मेडिकल कॉलेज तथा राष्ट्रीय क्षय एवं श्वसन रोग संस्थान के चिकित्सक सुबह नौ बजे शुरू हुई इस हड़ताल में शामिल हैं।

लखनऊ में भी हड़ताल पर डॉक्टर्स

रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल का असर अलग-अलग शहरों में भी देखने को मिल रहा है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में भी रेजिडेंट डॉक्टर्स सड़क पर उतर आए हैं और कामकाज बंद कर दिया है। इन अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बााधितहो रही हैं।

जारी रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं

रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने बताया कि अनिश्चतकालीन हड़ताल के दौरान सभी बाह्यरोगी विभाग (ओपीडी), ऑपरेशन थिएटर और वार्ड ड्यूटी बंद रहेगी, लेकिन आपातकालीन सेवाएं सामान्य दिनों की तरह चालू रहेंगी, ताकि यह सुनिश्चित हो कि आपात चिकित्सा वाले रोगियों को परेशानी न हो। फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के दौरान एक परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सक के दुष्कर्म और हत्या मामले को लेकर यह कदम उठाया है। बता दें, पश्चिम बंगाल के इस सरकारी अस्पताल के सेमीनार हॉल में बृहस्पतिवार रात को 32 वर्षीय डॉक्टर का शव अर्द्ध नग्न हालत में मिला था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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