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कौन हैं गीता की तुलना जेहाद से करने वाले शिवराज पाटिल, कपड़े बदलने को लेकर हो चुकी है किरकिरी

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  • Updated Oct 21, 2022, 01:05 PM IST

Shivraj Patil : शिवराज पाटिल की गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती है। महाराष्ट्र से आने वाले शिवराज मराठवाड़ा के लातूर से सांसद रह चुके हैं। लातूर ग्रामीण सीट से वह 1973 से 1980 तक विधायक रहे। 1980 के बाद वह लातूर संसदीय सीट से चुनाव जीतकर कई बार लोकसभा पहुंचे।

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शिवराज पाटिल देश के गृह मंत्री रह चुके हैं।

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल ने गीता की तुलना जेहाद से की है
  • अपने इस बयान के बाद पाटिल भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर हैं
  • अपने कपड़ों को लेकर पहले भी विवादों में चुके हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

Shivraj Patil : देश के पूर्व गृह मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल अपने बयान को लेकर विवाद में आ गए हैं। दरअसल, गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धार्मिक ग्रंथ गीता की तुलना जेहाद से की। इस बयान के बाद साधु-संन्यासी एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता उन पर हमलावर हैं। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के नेता ने देश की सनातन संस्कृति को चोट पहुंचाने के लिए जानबूझकर यह बयान दिया है। बयान पर घिरने के बाद पाटिल ने इतना जरूर कहा है कि उनका यह बयान महाभारत के दुर्योधन के लिए था लेकिन वह अपने जेहाद वाले बयान पर कायम हैं। वहीं, अपने इस नेता के विवादित बयान पर कांग्रेस की तरफ से कोई सफाई नहीं आई है।

बार-बार कपड़े बदलने पर उठे थे सवाल

ऐसा पहली बार नहीं है जब देश के पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल विवादों में आए हैं। वह पहले भी अपने पहनावे को लेकर सवालों के घेरे में आ चुके हैं। साल 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमले के समय पाटिल देश के गृह मंत्री थे। आतंकवादियों से जब सुरक्षाकर्मी लोहा ले रहे थे और उनकी गोलियों का सामना कर रहे थे तो इस मुश्किल घड़ी में पाटिल को बार-बार अपने कपड़े बदलते हुए पाया गया। वह सुरक्षा को लेकर होने वाली बैठकों में देरी से पहुंचते थे। एक बैठक के बाद दूसरी बैठक में वह कपड़े बदलकर पहुंचते थे।

दिल्ली धमकों के समय भी बदले कपड़े

यही नहीं, 2008 में जब दिल्ली में सिलसिलेवार कई बम धमाके हुए उस समय भी पाटिल का पूरा ध्यान अपने सूट-बूट पर था। पाया गया कि पाटिल ने दो घंटे में तीन कपड़े बदल लिए। भाजपा को उन्होंने बैठे-बिठाए मुद्दा दे दिया। पाटिल 2004 से 2008 तक देश के गृह मंत्री रहे। मुंबई हमले में सुरक्षा चूक को लेकर काफी आलोचना होने पर इन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पाटिल ने मुंबई हमले रोकने में अपनी नाकामी स्वीकार की और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद छोड़ दिया।

पाटिल ने क्या कहा

गुरुवार को मोहसिना किदवई की किताब का विमोचन करते हुए पाटिल ने कहा, 'यहां पर कहा जाता है कि इस्लाम धर्म के अंदर जेहाद की बहुत चर्चा है। जेहाद की बात तब आती है जब मन के अंदर स्वच्छ विचार के अनुरूप काम करने के बाद भी अगर कोई समझता नहीं है तो आपको शक्ति का उपयोग करना चाहिए। यह बात केवल कुरान शरीफ के अंदर नहीं है, महाभारत में गीता के उपदेश वाले भाग में श्रीकृष्ण भी अर्जुन से जेहाद करने की ही बात कहते हैं।'

कौन हैं शिवराज पाटिल

शिवराज पाटिल की गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती है। महाराष्ट्र से आने वाले शिवराज मराठवाड़ा के लातूर से सांसद रह चुके हैं। लातूर ग्रामीण सीट से वह 1973 से 1980 तक विधायक रहे। 1980 के बाद वह लातूर संसदीय सीट से चुनाव जीतकर कई बार लोकसभा पहुंचे। राजीव गांधी की सरकार में पाटिल कार्मिक एवं रक्षा उत्पादन मंत्री रहे। बाद में इन्हें पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार भी मिला। 1992 में पाटिल को सर्वश्रेष्ठ सांसद होने का पुरस्कार भी मिला। 2010 में शिवराज पाटिल को पंजाब का राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का प्रशासक नियुक्त किया गया।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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