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कहां तक पहुंचा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर प्रोजेक्ट, सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Dec 5, 2023, 02:05 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गलियारे के 17 किलोमीटर लंबे, प्राथमिकता वाले खंड का उद्घाटन किया था। अक्टूबर में इसका नाम बदलकर 'नमो भारत' कर दिया गया।

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रैपिड रेल

Photo : ANI

Delhi Meerut RRTS Corridor: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण पर इस साल 31 अक्टूबर तक लगभग 18,160 करोड़ रुपये का खर्च आया है और इस परियोजना पर 67.3 प्रतिशत प्रगति हुई है। राज्यसभा को यह जानकारी आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर ने दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को 30,274 करोड़ रुपये की लागत के साथ मंजूरी दी गई थी।

ट्रेन का नाम 'नमो भारत'

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल सेवा परियोजना को अमली जामा पहना रहा है। अक्टूबर में इसका नाम बदलकर 'नमो भारत' कर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गलियारे के 17 किलोमीटर लंबे, प्राथमिकता वाले खंड का उद्घाटन किया। एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि एनसीआरटीसी ने सूचित किया है कि 31 अक्टूबर 2023 तक परियोजना पर 18,160.81 करोड़ रुपये का खर्च आया है। उन्होंने कहा कि जून 2025 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है।

67 फीसदी काम हुआ पूरा

किशोर ने बताया कि 31 अक्टूबर 2023 तक दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के निर्माण में 67.3 प्रतिशत प्रगति हासिल हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 20 अक्टूबर को साहिबाबाद और दुहाई डिपो स्टेशनों को जोड़ने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच प्राथमिकता वाले खंड में पांच स्टेशन - साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं। कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो जाने पर दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा का समय एक घंटे से भी कम हो जाएगा। (भाषा इनपुट)

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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