INDIA Bloc Lunch: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से 'इंडिया' गठबंधन के सांसदों के लिए आयोजित दोपहर के भोज में तीन घटक दलों समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) का कोई प्रतिनिधि पहुंचा।
कांग्रेस का कहना था कि इस भोज के लिए मंगलवार देर रात आमंत्रित किया गया था, जिस वजह से कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके।
नई दिल्ली के जनपथ रोड पर स्थित 'सागर रत्ना' रेस्तरां में आयोजित इस भोज में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और कई अन्य दलों के करीब 100 सांसद शामिल हुए।
इस भोज के बाद विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर पर निर्वाचन आयोग से जुड़े मामले को लेकर प्रदर्शन के लिए रवाना हुए, हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बीच में हीं रोक दिया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के किसी प्रतिनिधि के खरगे द्वारा आयोजित भोज में शामिल नहीं होने को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि दोपहर के भोज का फैसला मंगलवार देर रात लिया गया और उसी समय इसकी जानकारी दी गई, इसलिए स्वाभाविक था कि कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''आज के भोज के लिए 'इंडिया' गठबंधन के सभी दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन भोज का फैसला कल देर रात लिया गया और उसी समय इसकी जानकारी दी गई। इसलिए स्वाभाविक था कि कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके।'' उन्होंने कहा, ''कुछ मीडिया संस्थानों में इसे लेकर बेवजह टिप्पणी की जा रही है। 'इंडिया जनबंधन' और अन्य विपक्षी दल वोट चोरी, एसआईआर और परिसीमन के खिलाफ एकजुट हैं तथा पूरी मजबूती से एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।''
सपा के किसी भी प्रतिनिधि की गैरमौजूदगी को मंगलवार को हुए विपक्षी सांसदों के मार्च के दौरान कांग्रेस द्वारा अपनाई गई रणनीति को लेकर अखिलेश यादव की नाराजगी की खबरों से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, जब मंगलवार को विपक्षी सांसद संसद परिसर से मार्च करते हुए निर्वाचन सदन की ओर आगे बढ़ रहे थे तो पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग पर आकाशवाणी भवन के निकट रोक दिया। इसके कुछ देर बाद ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया और बस में बैठाकर ले गई।
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इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस से कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में बरगद के एक पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। आठ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इसको लेकर अखिलेश यादव की कथित नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ है। अखिलेश जी और हमारा पूरा गठबंधन पूरी तरह एकजुट है।'' समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने खरगे के भोज में पार्टी के किसी नेता शामिल नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ''हमारा कोई सांसद क्यों नहीं पहुंचा।''
इस भोज के समय दिल्ली में मौजूद इस सांसद ने यह भी कहा, ''मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। मुझे नहीं पता कि न्यौता मिला था या नहीं और यदि मिला था तो अध्यक्ष जी (अखिलेश जी) ने किसी को क्यों नहीं भेजा।'' राहुल गांधी के आकाशवाणी भवन परिसर के धरने में सपा की तरफ से पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुला नदवी शामिल हुए थे। उनके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन और महुआ मोइत्रा, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास तथा आईयूएमएल के नेता ईटी मोहम्मद बशीर ने भी मौके पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया था।
