Ketan Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पुलिस ने शुक्रवार को करीब दस घंटे तक पूछताछ की और बाद में उसे घर जाने दिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि साहिल गोयल से उसकी बहन के सह-आरोपी और प्रेमी चेतन चौधरी के साथ संबंधों के बारे में पूछताछ की गई।
लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, ’’हमने उसे पूछताछ के लिए सुबह बुलाया था। देर शाम उसे जाने दिया गया।’’ केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका में स्थित लोहागढ़ किले की एक चट्टान से केतन को खाई में धक्का दे दिया था। दोनों पुलिस हिरासत में हैं। अधिकारी ने कहा, ’’साहिल चेतन को जानता है और हमने उससे कुछ बातों की पुष्टि की। उससे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई।’’
उन्होंने कहा, 'शुरू में सिया और चेतन ने एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की कोशिश की, जो पूछताछ के दौरान अपराधियों के लिए आम बात है। हालांकि, आखिरकार सिया ने मान लिया कि उसने ही साजिश रची थी और चेतन भी उस योजना में शामिल था।' अधिकारी के अनुसार, चेतन ने शुरू में दावा किया कि वह किले में मौजूद था, लेकिन उस जगह पर नहीं गया, जहां से केतन को खाई में धकेला गया था और उसे नहीं पता कि वहां वास्तव में हुआ क्या था। उन्होंने बताया, 'हालांकि, यह साफ था कि वह झूठ बोल रहा है। आखिरकार दोनों ने अपराध में अपनी-अपनी भूमिका स्वीकार कर ली और घटनाक्रम का पूरा ब्योरा दिया।'
पुलिस अधिकारी ने क्या-क्या दी जानकारी?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, केतन की के हत्या के बाद, चेतन और सिया ने कथित तौर पर कुछ दिनों तक एक-दूसरे से न मिलने का प्लान बनाया था। उन्हें लगा कि एक-दूसरे से दूर रहने से उनपर किसी को शक नही होगा। प्लानिंग के तहत ही दोनों ने कथित तौर पर अपनी चैट भी डिलीट कर दीं ताकि किसी को गलती से भी उन दोनो के रिश्ते का पता न चले। इन दोनों ने पुलिस की पहुंच से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश की थी
पुलिस ने अब डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट को रिकवर करने और डिजिटल सबूत इकट्ठा करने के लिए सिया और चेतन के मोबाइल फोन को फोरेंसिक लैब भेज दिया हैं
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। अधिकारी के मुताबिक, सिया और चेतन ने एक-दूसरे के साथ भागने के बजाय केतन की हत्या का फैसला किया, क्योंकि उन्हें डर था कि भागने से उनके परिवारों की बदनामी होगी।
