देश

पुलिस की गिरफ्त में आया ट्रेन में आग लगाकर तीन की हत्या करने वाला आरोपी, टेरर एंगल की भी हो रही जांच

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 5, 2023, 10:31 AM IST

Train Fire Case: पुलिस ने रत्नागिरी रेलवे स्टेशन से आरोपी शाहरुख सैफी को गिरफ्तार किया है। वह सहयात्रियों को आग में झोंककर फरार हो गया था। पुलिस इस मामले में टेरर एंगल की भी जांच कर रही है।

Image

केरल ट्रेन आग कांड का आरोपी शाहरुख सैफी गिरफ्तार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Kerala Train Fire Case: केरल की एक ट्रेन में आग लगाकर तीन लोगों को जिंदा जलाकर मारने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी पहचान शाहरुख सैफी के रूप में हुई है। रत्नागिरी पुलिस और महाराष्ट्र एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में उसे रत्नागिरी रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने बताया, शाहरुख सैफी को मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं शाहरुख सैफी का संबंध किसी अन्य टेरर आर्गेनाइजेशन से तो नहीं है। बता दें, जिस घटना के आरोप में सैफी को गिरफ्तार किया गया है, उमसें एक साल के बच्चे और महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में आठ यात्री घायल भी हुए थे।

ट्रेन के कोच में लगाई थी आग

घटना दो अप्रैल की है। रात करीब 9:50 बजे अलप्पुझा-कन्नूर एक्जीक्यूटिव एक्सप्रेस कोरापुझा रेलवे पुल पर पहुंची थी। इसी दौरान कथित तौर पर सैफी ने सह यात्रियों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। इसके बाद यात्री ट्रेन के कोच से कूदकद भागने लगे। इसस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। तीनों के शव रेल की पटरियों से बरामद किए गए थे।

चेन खींचकर फरार हो गया था आरोपी

इस घटना के बाद आरोपी ट्रेन की चेन खींचकर फरार हो गया था। पुलिस को पटरियों के पास से एक बैग भी बरामद हुआ था, जिसमें पेट्रोल की एक बोतल और दो मोबाइल फोन मिले थे। एक चश्मदीद ने बताया कि ट्रेन के रुकने के तुरंत बाद एक तीस वर्षीय युवक कूदकर एक बाइक पर बैठकर फरार हो गया था। बाइक सवार पहले से वहां मौजूद था और उसकी का इंतजार कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन से उतरते समय आरोपी सैफी को भी चोटें आई थीं, जिसके बाद वह इलाज कराने के लिए रत्नागिरी अस्पताल पहुंचा था। हालांकि, पूरा इलाज कराए बिना ही वह अस्पताल से चला गया था।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article