Kerala Governor: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Chief Minister Pinarayi Vijayan) ने सोमवार को कुलपतियों का इस्तीफा मांगने पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होने के नाते राज्यपाल को कुलपतियों से इस्तीफा मांगने का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही कहा कि राज्यपाल राज्य के विश्वविद्यालयों को नष्ट करने की मंशा से काम कर रहे हैं।
आरएसएस के टूल के तौर पर काम कर रहे हैं राज्यपाल- विजयन
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान आरएसएस के एक टूल के रूप में काम कर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्यपाल का पद सरकार के खिलाफ जाने के लिए नहीं बल्कि संविधान की गरिमा को बनाए रखने के लिए होता है।
इससे पहले रविवार को सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इसे संघ परिवार की साजिश का नतीजा बताया ताकि वह देश की शिक्षा प्रणाली का कथित तौर पर भगवाकरण करने के अपने एजेंडे के लिए राज्य की प्रतिरोधक शक्ति को ध्वस्त कर सकें। साथ ही आरोप लगाया कि यह फैसला लोकतंत्र की सभी सीमाओं का उल्लंघन करता है।
राज्यपाल ने 9 विश्वविद्यालयों में कुलपतियों को इस्तीफा देने के लिए कहा
जिन नौ विश्वविद्यालयों में कुलपतियों को इस्तीफा देने के लिए कहा गया है, उनमें केरल विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, केरल मत्स्य पालन और महासागर अध्ययन विश्वविद्यालय, कन्नूर विश्वविद्यालय, एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, कालीकट विश्वविद्यालय और थुंचथ एज़ुथाचन मलयालम विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (केटीयू) के कुलपति के रूप में डॉ राजश्री एमएस की नियुक्ति रद्द कर दी थी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार सर्च कमेटी को वीसी के पद के लिए कम से कम तीन योग्य व्यक्तियों के एक पैनल की सिफारिश करनी चाहिए थी, लेकिन राजश्री के मामले में केवल उनके नाम की सिफारिश की गई थी।
