जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की छठी वर्षगांठ पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ये कश्मीर के लिए अच्छा है। कश्मीर के लोग अब खुश हैं वो अब खुलकर सेब की खेती कर रहे हैं। फायदा ये भी है कि उन्हें व्यापार का नया अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वे हाल ही में कश्मीर दौरे पर गए थे, जहां स्थानीय किसानों से बातचीत हुई।
हालांकि इसके साथ ही राकेश टिकैत ने सेब की मार्केटिंग को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'कश्मीर के किसानों को खेती करने देना चाहिए और उन्हें अपने सेब की मार्केटिंग करने की आजादी भी होनी चाहिए। कश्मीर का सेब नेपाल, भूटान और बांग्लादेश जैसे देशों में निर्यात होता है। सरकार को चाहिए कि वह कश्मीर के किसानों को खुला बाजार उपलब्ध कराए, ताकि वे सीधे लाभ कमा सकें और घाटी की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।'
वहीं, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निधन पर टिकैत ने गहरा दुख व्यक्त किया। टिकैत ने कहा कि सत्यपाल मलिक जैसे नेताओं का जाना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक सोच और विचारधारा का अंत होना है। कश्मीर में राज्यपाल रहने के दौरान उनको वहां के किसानों की चिंता रही।
टिकैत ने सत्यपाल मलिक के जज्बे को सलाम करते हुए कहा, 'उन्होंने गांव से उठकर देश के बड़े पदों तक सफर तय किया, जो बहुत कम लोगों के बूते का होता है। उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति में कदम रखा और वह चौधरी चरण सिंह के साथ रहे। उन्होंने हमेशा किसानों और समाज के मुद्दों पर मुखर होकर बात रखी। उनका जाना किसानों के लिए एक बड़ी क्षति है।'
IANS इनपुट
