कर्नाटक सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अलंद विधानसभा क्षेत्र में 'वोट हटाने' के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। सरकार ने साफ किया है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह जांच आवश्यक है।
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आलंद विधानसभा सीट पर गलत तरीके से वोट काटे जाने का दावा किया था और इसके लिए सीधे चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन आरोपों पर कहा था कि ये दावे गलत है। कोई भी व्यक्ति किसी का भी वोट नहीं कटवा सकता है।
विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) करेंगे। एसआईटी में पुलिस अधीक्षक स्तर के दो अधिकारी - सैदुलु अदावथ और शुभंविता भी शामिल हैं। यह घटनाक्रम आलंद विधायक बी आर पाटिल द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद सामने आया है जिसमें कहा गया था कि 256 मतदान केंद्रों पर 6,670 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए थे।
एक सरकारी आदेश में विधायक के हवाले से कहा गया है कि चुनाव अधिकारियों द्वारा बाद में किए गए सत्यापन से पता चला कि 6,018 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से केवल 24 ही वैध पाए गए। शेष 5,994 आवेदन कथित तौर पर अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग करके, संबंधित मतदाताओं की जानकारी के बिना और दुर्भावनापूर्ण इरादे से प्रस्तुत किए गए थे।
एसआईटी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 2(यू) के तहत पुलिस थाने के अधिकार दिए गए हैं और उसे कर्नाटक भर में सभी संबंधित मामलों की जांच करने का काम सौंपा गया है। यह सक्षम न्यायालयों को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेजी जाएगी।
