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कर्नाटक में हाई पॉलिटिकल ड्रामा, BJP कार्यकर्ताओं ने येदियुरप्पा का किया घेराव; जानें क्या है पूरा मामला

  • Written by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 16, 2023, 08:53 PM IST

दिग्गगज नेता बीएस येदियुरप्पा ने घोषणा की थी कि उनके बेटे बीवाई विजयेंद्र आगमी विधानसभा चुनावों में शिकारीपुरा से चुनाव लड़ेंगे। उनके इस दावे को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने खारिज कर दिया, जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम हुआ।

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सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में येदियुरप्पा के काफिले के आसपास इस तरह से भीड़ जुटी दिखाई दी। (वीडियो स्क्रीनग्रैब: @KeypadGuerilla)

Photo : Twitter

Karnataka Election 2023: कर्नाटक में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, यहां चुनावी सरगर्मी भी बढ़ती जा रही है। भाजपा यहां जोर-शोर से प्रचार में जुटी हुई है, इस बीच गुरुवार को कर्नाटक में हाई पॉलिटिकल ड्रामा हुआ, जिसके बाद दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को चुनाव अभियान रद्द करने के लिए भी मजबूर होना पड़ा।

यह पूरा मामला कर्नाटक के चिक्कमगलुरु जिले का है। यहां के मुदिगेरे विधानसभा क्षेत्र में येदियुरप्पा भाजपा की विजय संकल्प यात्रा का नेतृत्व करने पहुंचे थे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका घेराव किया, जिसके बाद येदियुरप्पा आगे नहीं बढ़ पाए और उन्हें अपना चुनाव अभियान रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

क्यों हुआ येदियुरप्पा का घेराव?

दरअसल, येदियुरप्पा ने चुनाव प्रचार के दौरान घोषणा की थी कि उनके बेटे बीवाई विजयेंद्र आगमी विधानसभा चुनावों में शिकारीपुरा से चुनाव लड़ेंगे। यह सीट येदियुरप्पा का गढ़ रही है। एक दिन बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने येदियुरप्पा के इस दावे को खारिज कर दिया, जिसके बाद यह पूरा हंगामा शुरू हुआ।

येदियुरप्पा की कार का हुआ घेराव

सीटी रवि द्वारा दावे को खारिज किए जाने के बाद उनके समर्थक येदियुरप्पा का घेराव करने पहुंच गए। सैकड़ों समर्थकों ने गुरुवार को येदियुरप्पा की कार का घेराव किया और मुदिगेरे से विधायक एमपी कुमारस्वामी को दोबारा टिकट न देने की मांग करने लगे। इस दौरान येदियुरप्पा नाराज दिखे और उन्होंने अपने चुनाव अभियान को रद्द कर दिया। इस पूरी घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता येदियुरप्पा का घेराव करते दिखाई दे रहे हैं।

मई-जून में होने हैं चुनाव

बता दें, कर्नाटक में इसी साल मई-जून में चुनाव होने हैं। यहां सीधी लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच मानी जा रही है। हालांकि, आम आदमी पार्टी भी इस बार रेस में है, जिससे चुनावी लड़ाई रोमांचक हो गई है। भाजपा यहां बीएस येदियुरप्पा के सहारे ही चुनाव लड़ने की तैयारी में है। पार्टी उन्हें हर चुनाव अभियान में आगे कर रही है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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