देश

कर्नाटक में महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा शुरू, CM सिद्धारमैया ने किया शक्ति योजना का शुभारंभ

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 11, 2023, 02:33 PM IST

Karnataka: सिद्धारमैया ने कहा, पहले 30% महिलाएं बसों में सफर करती थीं, जो बीजेपी सरकार के दौरान घटकर 24% रह गई। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार नहीं चाहती थी कि महिलाएं घर से बाहर निकलें।

Image

महिलाओं के बस के फ्री पास बांटते मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

Photo : ANI

Karnataka: कर्नाटक में महिलाओं के लिए सिद्धारमैया सरकार की ओर से रविवार को फ्री बस सेवा शुरू की गई। कांग्रेस शासित राज्य में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शक्ति योजना के तहत इस सेवा की शुरुआत की। इस दौरान सिद्धारमैया ने केएसआरटीसी और बीएमटीसी बस में महिलाओं को बस के मुफ्त पास वितरित किए।

सिद्धारमैया ने कहा, पहले 30% महिलाएं बसों में सफर करती थीं, जो बीजेपी सरकार के दौरान घटकर 24% रह गई। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार नहीं चाहती थी कि महिलाएं घर से बाहर निकलें। बता दें, केएसआरटीसी और बीएमटीसी बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के घोषणापत्र का हिस्सा थी।

तीन महीने बाद दिए जाएंगे स्मार्ट पास

इस दौरान कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्उी ने कहा, शक्ति योजना के तहत स्मार्ट बस कार्ट तीन महीने बाद महिलाओं को प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया, स्मार्ट पास के आवेदन के लिए तीन महीने का समय होगा। यह कार्ड किसी भी प्रकार की गोपनीयता को भंग नहीं करेगा। शक्ति योजना का उद्देश्य महिला यात्रियों को आसान ओर सुरक्षित यात्रा देना है। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट किया। उन्होंने कहा, शक्ति योजना कर्नाटक में कांग्रेस की गारंटी है। पूरे राज्य में महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की गारंटी। कांग्रेस सच है, कांग्रेस प्रतिबद्धता है। कांग्रेस लोगों के साथ खड़ी है।

सभी योजनाएं 15 अगस्त तक होंगी लागू

उधर राज्य के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने शक्ति योजना के शुभारंभ के मौके पर कहा, कांग्रेस द्वारा वादा की गईं सभी याजनाओं को 15 अगस्त तक राज्य में लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी उम्र की महिलाओं के लिए शक्ति योजना लॉन्च की गई है। जैसा हमने वादा किया था, हम उसे पूरा करना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, राज्य के बच्चों के लिए भी फ्री बस सेवा का वादा किया गया था। हम जल्द बसों में बढ़ोत्तरी करेंगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

TIMES NOW के रिपोर्टर पर हुए हमले के खिलाफ फूटा मीडिया का आक्रोश, पत्रकार बोले-बर्दाश्त नहीं ऐसी हिंसा

TIMES NOW के रिपोर्टर पर हुए हमले के खिलाफ फूटा मीडिया का आक्रोश, पत्रकार बोले-बर्दाश्त नहीं ऐसी हिंसा

दिल्ली में पत्रकारिता पर हमला; जंतर-मंतर पर TIMES NOW के रिपोर्टर देव कोटक से मारपीट व लूटपाट, सपा नेता ने की कड़ी निंदा

दिल्ली में पत्रकारिता पर हमला; जंतर-मंतर पर TIMES NOW के रिपोर्टर देव कोटक से मारपीट व लूटपाट, सपा नेता ने की कड़ी निंदा

छात्रों के समर्थन में उतरे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर, शशि थरूर, सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

छात्रों के समर्थन में उतरे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर, शशि थरूर, सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

सिक्किम टनल हादसा: नामची में निर्माणाधीन सुरंग ढहने से अब तक 20 मजदूरों की मौत, राहत-बचाव अभियान जारी

सिक्किम टनल हादसा: नामची में निर्माणाधीन सुरंग ढहने से अब तक 20 मजदूरों की मौत, राहत-बचाव अभियान जारी

आज की ताजा खबर, 22 जुलाई 2026 हिंदी न्यूज लाइव: सिक्किम सुरंग हादसे में 20 मजदूरों की मौत, सोनम वांगचुक का हाल जानने पहुंचे जेपी नड्डा, राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक; 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आज की ताजा खबर, 22 जुलाई 2026 हिंदी न्यूज लाइव: सिक्किम सुरंग हादसे में 20 मजदूरों की मौत, सोनम वांगचुक का हाल जानने पहुंचे जेपी नड्डा, राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक; 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट