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कर्नाटक में पार्क की जमीन का नहीं होगा सार्वजनिक इस्तेमाल, शिवकुमार सरकार वापस लेगी विवादित विधेयक

Karnataka Park Land Controversy: कर्नाटक मंत्रिमंडल ने उस विवादित विधेयक को वापस लेने का फैसला किया है, जिसमें सरकारी पार्क और बगीचों की जमीन का पांच प्रतिशत तक हिस्सा सार्वजनिक कामों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी।

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, गृह मंत्री जी परमेश्वरम और बीके हरिप्रसाद (फोटो साभार: @DrParameshwara)

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Karnataka Park Land Controversy:: कर्नाटक मंत्रिमंडल ने उस विवादित विधेयक को वापस लेने का फैसला किया है, जिसमें सरकारी पार्क और बगीचों की जमीन का पांच प्रतिशत तक हिस्सा सार्वजनिक कामों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

परमेश्वर ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार अब प्रस्तावित विधेयक को सार्वजनिक करेगी, लोगों से सुझाव मांगेगी और इसमें संशोधन के बाद इसे अगले विधानसभा सत्र में फिर से पेश करेगी। उन्होंने कहा, ''मंत्रिमंडल ने विधेयक वापस लेने का फैसला किया है। हम इसे चर्चा के लिए सार्वजनिक करेंगे और निश्चित रूप से संशोधनों के साथ अगले सत्र में इसे फिर से पेश करेंगे।''

इस विधेयक में कर्नाटक सरकार पार्क (संरक्षण) अधिनियम, 1975 में संशोधन का प्रस्ताव था। इसके तहत सार्वजनिक उपयोग और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पार्क की भूमि के अधिकतम पांच प्रतिशत हिस्से को अन्य उपयोग में लाने की अनुमति देने का प्रावधान था। विधेयक में पांच प्रतिशत की सीमा और अन्य सुरक्षा उपायों के अधीन भूमि को बेचने या पट्टे पर देने समेत अन्य तरीकों से उपयोग में लाने का प्रावधान किया गया था।

'विधेयक पर नहीं हुई ज्यादा चर्चा'

समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा के मुताबिक, परमेश्वर ने कहा कि सरकार पिछले विधानसभा सत्र में यह संशोधन विधेयक लाई थी, लेकिन इस पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई, जिससे विपक्ष को विधेयक के उद्देश्य को लेकर गलत धारणा फैलाने का मौका मिल गया। उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक के प्रावधानों पर दोबारा विचार करेगी। इसमें जमीन को पट्टे पर देने, बिक्री और उपहार में देने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं। इन प्रावधानों को स्पष्ट करने के बाद विधेयक को फिर से विधानसभा में पेश किया जाएगा।

    उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि सरकार लालबाग के पांच प्रतिशत हिस्से या इस वनस्पति उद्यान की पांच एकड़ की कोई निश्चित जमीन को सुरंग सड़क परियोजना के लिए लेना चाहती है। विधेयक वापस लेने का फैसला बेंगलुरु में हुए प्रदर्शनों के बाद आया है। प्रदर्शनकारियों ने आशंका जताई थी कि इससे हरित क्षेत्रों का उपयोग बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए करने का रास्ता खुल सकता है।
    Anurag Gupta
    अनुराग गुप्ताauthor

    अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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