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Kanwar Yatra 2024: 'रामदेव को अपनी पहचान बताने में दिक्कत नहीं तो रहमान को क्यों...?' नेमप्लेट विवाद पर CM योगी को मिला बाबा रामदेव का साथ

Kanwar Yatra : बाबा रामदेव ने कहा कि इस फैसले के विरोध के पीछे राजनीति है। विरोध तो मोदी जी का भी हो रहा है। विरोधी कहते हैं कि उनसे संविधान को खतरा है।

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नेमप्लेट विवाद पर बोले बाबा रामदेव

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • रामदेव को अपनी पहचान बताने में दिक्कत नहीं है तो रहमान को क्यों दिक्कत है
  • योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि इस फैसले के विरोध के पीछे राजनीति है
  • विरोध तो मोदी जी का भी हो रहा है। विरोधी कहते हैं कि उनसे संविधान को खतरा है- रामदेव

Kanwar Yatra 2024: कांवड़ यात्रा रूट पर दुकानों के सामने नेम प्लेट लगाने के आदेश पर बवाल छिड़ा हुआ है। अब इस विवाद में बाबा रामदेव ने भी एंट्री मारी है। उन्होंने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। रामदेव को अपनी पहचान बताने में दिक्कत नहीं है तो रहमान को क्यों दिक्कत है। हिंदू और मुसलमान सबको अपनी पहचान बतानी चाहिए। हमारे ईश्वर एक हैं। किसी को अपनी पहचान बचाने में दिकत नहीं है। बाबा रामदेव ने कांवड़ियों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कांवड़िये भी समझदारी दिखाएं और अनुशासन बनाए रखें। मैं सनातन धर्म से आहवान करूंगा कि सनातन धर्म को अपने आचरण में धारण करें। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि इस फैसले के विरोध के पीछे राजनीति है। विरोध तो मोदी जी का भी हो रहा है। विरोधी कहते हैं कि उनसे संविधान को खतरा है।

विपक्ष ने भी सीएम योगी के इस आदेश पर साधा निशाना

वहीं विपक्षी दलों द्वारा इस कदम को राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित कट्टरता और मुस्लिम दुकानदारों को टारगेट करने वाली कार्रवाई करार दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे आदेश सामाजिक अपराध हैं। सरकार शांतिपूर्ण माहौल को खराब करना चाहती है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी राज्य सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने चुनावी लाभ के लिए कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकान मालिकों को अपना पूरा नाम प्रदर्शित करने का आदेश दिया है। कांग्रेस की यूपी इकाई के प्रमुख अजय राय ने भी फैसले की निंदा की और कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार लोगों के बीच दूरियां पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस फैसले को तुरंत रद्द करने की मांग भी की।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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