एक्सप्लेनर्स

पहले प्रशासन, फिर नेता; अब सेलिब्रिटी… यूपी में कांवड़ यात्रा नेम प्लेट विवाद पर संग्राम जारी

Kanwar Yatra: यूपी में कांवड़ यात्रा रूट पर दुकानों के सामने नेम प्लेट लगाने के सरकारी आदेश पर मचे सियासी घमासान में अब बॉलीवुड स्टार सोनू सूद की भी एंट्री हो गई है।

Image

कांवड़ यात्रा को लेकर संग्राम जारी

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • सोनू सूद ने लिखा कि मैंने खाने में थूकने वालों को कभी सही नहीं बताया
  • सोनू सूद ने कहा कि हर दुकान पर केवल एक नेम प्लेट होनी चाहिए और वो है मानवता
  • कंगना ने सोनू सूद के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और लिखा, अब सोनू जी भगवान राम के बारे में अपने निजी निष्कर्षों पर आधारित रामायण का निर्देशन करेंगे

Kanwar Yatra 2024: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा रूट पर दुकानों के सामने नेम प्लेट लगाने के आदेश पर बवाल छिड़ा हुआ है। इस पर अभी तक तो नेताओं के बयान आ रहे थे, लेकिन अब बॉलीवुड सेलिब्रिटी और सेलिब्रिटी पॉलिटिशियन के बीच भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई। योगी सरकार के आदेश वाले विवाद में अब अभिनेता सोनू सूद ने एंट्री ली है और उनको जवाब देने की जिम्मेदारी अभिनेत्री से सांसद बनी कंगना रनौत ने संभाल ली है। अभिनेता सोनू सूद और मंडी लोकसभा क्षेत्र से जीतीं नेता कंगना रनौत सोशल मीडिया पर आमने-सामने आ गए।

कंगना ने सोनू सूद के बयान पर दी प्रतिक्रिया

बता दें, तीन दिनों से चल रहे विवाद पर सोनू सूद ने कहा कि हर दुकान पर केवल एक नेम प्लेट होनी चाहिए और वो है मानवता। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद कंगना रनौत ने जवाब दिया कि अब हलाल को भी मानवता से रिप्लेस किया जाना चाहिए। दोनों के इस संवाद के बीच एक यूजर ने सोनू सूद को टैग करते हुए लिखा कि थूक लगी रोटी सोनू सूद को पार्सल की जाए, ताकि भाईचारा बना रहे! इस पर सोनू सूद ने रिप्लाई किया। उन्होंने लिखा कि हमारे श्री राम जी ने शबरी के जूठे बेर खाए थे तो मैं क्यों नहीं खा सकता, हिंसा को अहिंसा से पराजित किया जा सकता है मेरे भाई। बस मानवता बरकरार रहनी चाहिए।

Sonu Sood

Sonu Sood

इस पर सांसद कंगना रनौत ने सोनू सूद के इस पोस्ट पर भी प्रतिक्रिया दी और लिखा, अब सोनू जी भगवान और धर्म के बारे में अपने निजी निष्कर्षों पर आधारित रामायण का निर्देशन करेंगे। वाह क्या बात है बॉलीवुड से एक और रामायण। इस तू-तू मैं-मैं के बीच सोनू सूद को शायद ये बात समझ आ गई कि थूक वाले खाने को सही ठहराने से विवाद और बढ़ सकता है। ऐसे में उन्होंने फिर से एक पोस्ट किया। अपने पोस्ट में सोनू सूद ने लिखा कि मैंने खाने में थूकने वालों को कभी सही नहीं बताया। वो उनका चरित्र है जो कभी नहीं बदलेगा। इसके लिए उन्हें कड़ी सजा भी दें, लेकिन इंसानियत को इंसानियत ही रहने दें दोस्त। यूपी सरकार के काम का मैं सबसे बड़ा प्रशंसक हूं। यूपी, बिहार का हर घर मेरा परिवार है।

मौलाना शहाबुद्दीन ने आदेश का किया समर्थन

हंगामा सिर्फ नेताओं और अभिनेताओं ने ही नहीं खड़ा किया है बल्कि धर्मगुरु भी अपने बयानों से इस विवाद में कूद पड़े। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने कांवड़ यात्रा के रास्ते में दुकानदारों के नेम प्लेट लगाने वाले आदेश की आलोचना की है। जमीयत उलमा-ए-हिंद अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा है कि धर्म की आड़ में राजनीति के नए खेल खेले जा रहे हैं, ये एक भेदभावपूर्ण और साम्प्रदायिक फैसला है, जिससे देश को नुकसान होगा। जबकि हिंदू धर्मगुरु कह रहे हैं कि नेम प्लेट लगाने में समस्या क्या है, वो भी तब जब ये सिर्फ सावन के महीने के लिए है। वहीं इस बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन ने इस आदेश का समर्थन किया है।

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि प्रशासन के इस आदेश में कुछ भी गलत नहीं है। शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों को सभी को समर्थन करन चाहिए और प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि सरकार व पुलिस प्रशासन का यह कदम बिल्कुल सही है। इस तरह के फैसले से किसी भी प्रकार का उपद्रव भी नहीं होगा और पहले से सब जानकारी होने के कारण कोई विवाद भी खड़ा नहीं होगा। सरकार के फैसले से किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article