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जोधपुर LPG ब्लास्ट:परिवार के 28 वें व्यक्ति ने भी तोड़ा दम,2 साल में 449 की मौत,रखें इनका ध्यान

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 15, 2022, 07:24 PM IST

Jodhpur LPG Blast: पिछले 2 साल के आंकड़ों को देखा जाय तो हर साल औसत 200 से ज्यादा ब्लॉस्ट की घटनाएं हो रही है। NCRB के आंकड़ों के अनुसार साल 2021 में जहां 214 हादसे हुए वहीं साल 2020 में 245 हादसे हुए थे।

KEY HIGHLIGHTS
  • हादसों से बचने के लिए हमेशा LPG सिलेंडर को सीधा खड़ा रखें।
  • रिसाव महसूस होने पर तुरंत रेग्यूलेटर हटाकर सेफ्टी कैप लगाएं और सिलेंडर को खुले में रख दें।
  • इमरजेंसी नंबर 1906 नंबर पर संपर्क करें।

Jodhpur LPG Blast: जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को परिवार में मृतकों की संख्या 28 पहुंच गई। शादी समारोह में हुआ यह हादसा इतना भयानक था कि एक हफ्ते के बाद भी कई घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। यह हादसा दुखदायी होने के साथ ही सबक भी है। ऐसे में न केवल शादी और दूसरे समारोह में एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल में खास एहतियात बरतनी चाहिए बल्कि घरों में भी खास सावधानी रखनी चाहिए। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही जोधपुर जैसे हादसे का रूप ले सकती है।

हर साल 200 लोगों की हो जाती है मौत

देश में घरेलू सिलेंडर से होने वाले हादसे की तादाद भी कम नही है। पिछले 2 साल के आंकड़ों को देखा जाय तो हर साल औसत 200 से ज्यादा ब्लॉस्ट की घटनाएं हो रही है। NCRB के आंकड़ों के अनुसार साल 2021 में जहां 214 हादसे हुए वहीं साल 2020 में 245 हादसे हुए थे। और इन हादसों में मौत के मामले देखे जाए तो 2021 में 195 लोगों ने जान गंवाई। वहीं 2020 में 254 लोगों की मौत हो गई थी। साफ है कि देश में हर दूसरे दिन देश में कही न कही घरेलू गैस सिलेंडर यानी LPG के जरिए ब्लॉस्ट हो रहे हैं।

LPG ब्लॉस्ट20202021
हादसों में मृतकों की संख्या 254195
कुल हादसे214245
Source: NCRB

जोधपुर का परिवार ऐसे हो गया तबाह

राजस्थान के जोधपुर में एक शादी सामरोह सिलेंडर विस्फोट की वजह से कैसे मातम में बदल गया, उसकी दर्दनाक दास्तां पिछले एक हफ्ते से हर रोज सामने आ रही है। अब तक दूल्हे के माता,पिता,बहन सहित 28 लोगो की मौत हो चुकी है। कभी करीब ढाई दर्जन लोगों का जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसमें भी कई घायलों की हालत नाजुक है।अस्पताल के अधीक्षक अनुसार मरने वाले सभी लोग 50 प्रतिशत या उससे अधिक जल गये थे। इससे ब्लॉस्ट कितना भयानक था इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

हमेश रखें इन बातों का ध्यान

  • हादसों से बचने के लिए हमेशा LPG सिलेंडर को सीधा खड़ा रखें।
  • आसपास ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग न करें।
  • पहले माचिस की तीली जलाएं फिर गैस ऑन करें।
  • लाइटर का इस्तेमाल करते हैं तो बर्नर पर उसे लगाकर ही ऑन करें।
  • गैस चूल्हे को सिलेंडर से कम से कम छह इंच ऊपर रखें।
  • हर पांच साल में सुरक्षा हौज जरूर बदलें।
  • रिसाव महसूस होने पर तुरंत रेग्यूलेटर हटाकर सेफ्टी कैप लगाएं और सिलेंडर को खुले में रख दें।
  • इमरजेंसी नंबर 1906 नंबर पर संपर्क करें।
  • बिजली के स्विच से किसी तरह की छेड़छाड़ न करें।
  • खिड़की -दरवाजे पूरी तरह खोल दें।
प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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