Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आखिरकार प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ के लिए तैयार हो गए हैं। भूमि घोटाला मामले में ईडी के 8वें समन के जवाब में सीएम ने एजेंसी को पत्र लिखकर कहा कि वह 20 जनवरी को उनके आधिकारिक आवास पर उनका बयान दर्ज कर सकते हैं। हेमंत सोरेन ने ईडी से कहा है कि वह 20 जनवरी को उनके सचिवालय में धन शोधन मामले में उनका बयान दर्ज कर सकता है।
16 से 20 जनवरी के बीच पेश होने को कहा
ईडी ने शनिवार को मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा था, जिसमें उनसे 16 जनवरी से 20 जनवरी के बीच मामले में पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने को कहा गया था। सोरेन द्वारा एजेंसी के सात समन में शामिल नहीं होने के बाद ईडी ने यह पत्र भेजा। ईडी के अनुसार, मौजूदा जांच झारखंड में माफिया द्वारा भूमि के स्वामित्व को अवैध रूप से बदलने के एक बड़े रैकेट से संबंधित है। ईडी ने हेमंत सोरेन को पत्र लिखा था और उनसे पूछा था कि वे बयान दर्ज कराने के लिए क्यों उपस्थित नहीं हो रहे हैं? इससे जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है। ईडी ने उन्हें जवाब देने के लिए 16 से 20 जनवरी तक का वक्त दिया था। उन्हें एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने को भी कहा गया है।
सात समन भेजे गए
इसके पहले ईडी की ओर से सोरेन को सात समन भेजे जा चुके हैं। रांची के बड़गाईं अंचल में हुए जमीन घोटाले के मामले में ईडी हेमंत सोरेन का बयान दर्ज करना चाहती है। इसके लिए उन्हें बीते 29 दिसंबर को सातवां समन भेजा गया था, जिसे एजेंसी ने आखिरी समन बताते हुए सात दिनों के अंदर बयान दर्ज कराने को कहा था।
हेमंत सोरेन की दलील
सातवें समन में सोरेन से कहा गया था कि वे दो दिनों के अंदर ऐसी जगह तय करके सूचित करें, जहां उनका बयान दर्ज किया जा सके। यह जगह दोनों पक्षों के लिए उपयुक्त होनी चाहिए। हालांकि, सोरेन इस समन पर भी उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने इस पर 2 जनवरी को ईडी को पत्र लिखकर बार-बार भेजे जा रहे समन की तार्किकता और वैधता पर सवाल उठाया था। सीएम ने लिखा था कि समन भेजने की खबर उनसे पहले मीडिया तक पहुंचाई जाती है, जिसकी वजह से उन्हें मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सभी मामलों में अपना पक्ष स्पष्ट रूप से पहले ही रख दिया है। इसके बावजूद उन्हें भेजा जा रहा समन राजनीति से प्रेरित लगता है और ऐसा करके उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
