Javelin Missiles: भारत की सैन्य ताकत और बढ़ने वाली है। दुश्मन देशों के टैंकों को तबाह करने के लिए भारत ने जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइलों और एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी राउंड की खरीदने का फैसला किया है। इन मिसाइलों से भारतीय सेना की मारक क्षमता में इजाफा होगा। अमेरिका ने भारत को करीब 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है।
अमेरिका ने भारत को करीब 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है। इस डील के तहत भारत को 100 जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइलें और 216 एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी राउंड मिलेंगे। अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी ने इसका ऐलान किया है।
यह फायर-एंड-फॉरगेट मिसाइल है जो लड़ाई का समीकरण बदल देती है। इसे अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन ने विकसित किया है। यह हल्के वजन और आसान उपयोग के लिए भी जानी जाती है। यह बख्तरबंद वाहनों, टैंकों और किलेबंद ठिकानों को टॉप-अटैक प्रोफाइल के साथ बेहद सटीकता से निशाना बनाती है। वहीं, मिसाइल की उच्च गतिशीलता, थर्मल गाइडेंस और पोर्टेबिलिटी इसे युद्धक्षेत्र में अत्यंत प्रभावी बनाती है।
इस मिसाइल में तीन अटैक मोड हैं- टॉप अटैक, डायरेक्ट अटैक और सॉफ्ट लॉन्च, जो इसे खुले मैदान से लेकर बिल्डिंग जैसी बंद जगहों से भी फायर करने योग्य बनाते हैं। इसके मुख्य फीचर्स की बात करें तो इसकी रेंज 2.5 किमी है पर हल्के वॉरहेड के साथ 4.5 किमी है। मिसाइल का वजन 22.1 किलोग्राम है। वही वारहेड 8.4 किलोग्राम की होता है। इस मिसाइल की रफ्तार 140 मीटर प्रति सेकंड की है।
जैवलिन के साथ ही अमेरिका ने भारत को Excalibur 155mm प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी प्रोजेक्टाइल्स की संभावित बिक्री पर भी सहमति दे दी है। इस सौदे की अनुमानित कीमत 47.1 मिलियन डॉलर है।GPS-गाइडेड प्रिसिजन स्ट्राइक 40–50 किमी तक की रेंजलक्ष्य पर 2 मीटर से भी कम CEP (Circular Error Probable)न्यूनतम कोलेटरल डैमेज
बता दें कि भारत ने जो मांगें रखी थीं, उनमें मिसाइलों और आर्टिलरी राउंड्स के अलावा लाइफसाइकल सपोर्ट, सिक्योरिटी इंस्पेक्शन, ऑपरेटर ट्रेनिंग, रिफर्बिशिंग सर्विस और अन्य जरूरी सहायता सेवाएं भी शामिल हैं।
GPS-गाइडेड प्रिसिजन स्ट्राइक 40–50 किमी तक की रेंजलक्ष्य पर 2 मीटर से भी कम CEP (Circular Error Probable)न्यूनतम कोलेटरल डैमेज
अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने एक अधिसूचना में कहा कि नई दिल्ली को जल्द ही जेवलिन मिसाइल सिस्टम (Javelin missiles) और एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल (Excalibur artillery) के साथ-साथ अन्य उपकरण मिलेंगे। DSCA ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग ने 45.7 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत से जेवलिन मिसाइल सिस्टम और संबंधित उपकरणों की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी है।इस बिक्री में 216 M982A1 एक्सकैलिबर सामरिक प्रोजेक्टाइल, सहायक उपकरण, अग्नि नियंत्रण प्रणाली, अमेरिकी सरकार की तकनीकी सहायता आदि शामिल होंगे।