Amarnath Yatra: जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू से अमरनाथ तीर्थयात्रियों का पहला जत्था हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 38 दिवसीय अमरनाथ यात्रा औपचारिक रूप से गुरुवार को शुरू हो जाएगी।
4500 से ज्यादा भगवान भोलेनाथ के भक्त आज पहले जत्थे में बाबा बर्फानी के दर्शन हेतु रवाना हुए हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन, आम नागरिक और श्रीअमरनाथ साइन बोर्ड ने यात्रा के बेहतरीन इंतजाम किए हैं... देशभर के कोने-कोने से आए लोगों की बदौलत ऐसा लग रहा है जैसे जम्मू में फिर से मेला लग गया है... तमाम आतंकी घटनाओं को घता बताते हुए भोलेनाथ के भक्त बड़ी संख्या में आ रहे हैं।
चप्पे-चप्पे पर सुबह के पुख्ता इंतजाम
घाटी में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के वास्ते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने जम्मू-कश्मीर श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर सुरक्षा बढ़ा दी है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हो रही यात्रा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं और लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी हो रही है।
इन रास्तों से होगी अमरनाथ यात्रा?
कश्मीर में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 38 दिवसीय तीर्थयात्रा तीन जुलाई को घाटी से दो रास्तों से शुरू हो रही है- अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में छोटा (14 किलोमीटर) लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग। यात्रा का समापन नौ अगस्त को होगा।
तत्काल करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस साल की यात्रा के लिए अब तक 3,31,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रा के लिए जम्मू आने वाले श्रद्धालुओं का मौके पर ही रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया गया है। पिछले दो दिनों में करीब 4,000 टोकन बांटे गए हैं।
