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Ratna Bhandar: आज फिर से खुलेगा भगवान जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार, शुभ मुहूर्त में होगी खजाने की शिफ्टिंग

Jagnnath Ratna Bhandar : 14 जुलाई को रत्न भंडार खोलने पहुंची टीम ने कहा कि तहखाने और रत्न भंडार वाले कक्ष जर्जर अवस्था में हैं। इनका रखरखाव और मरम्मत करने की जरूरत है। इस पूरी प्रक्रिया को करने में 60 से 70 दिन लग सकते हैं। 14 जुलाई को जब रत्न भंडार खोला गया तो उसकी पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई।

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14 जुलाई को खुला रत्न भंडार।

KEY HIGHLIGHTS
  • 14 जुलाई को भगवान जगन्नाथ का रत्न भंडार खोला गया, खजाने के आभूषणों की डिजिटल सूची बनेगी
  • पिछली बार 1978 में खोला गया था रत्न भंडार, 46 साल के बाद एक बार फिर इसे खेला गया
  • रत्नों की गिनती के दौरान एक-एक कर खजाने की निधियों की जानकारी लोगों के सामने आएगी

Jagnnath Ratna Bhandar : ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार आज फिर से खुलेगा। यह रत्न भंडार अमूल्य निधियों से भरा हुआ है। इनमें बेशकीमती रत्न-आभूषण, दुर्लभ धातुओं की मूर्तियां, सोने-चांदी की मुद्राएं, मुकुट व अन्य अलंकार हैं। 46 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद इन निधियों के आकलन के लिए 14 जुलाई को रत्न भंडार खोला गया। हालांकि, अंदर का ताला तोड़कर खोले जाने के बाद इसे पुनः दो दिन के लिए बंद कर दिया गया था। रत्न भंडार को गुरुवार को फिर से इसे खोला जाएगा और इसकी शिफ्टिंग की जाएगी।

कीमत का आंकलन नहीं किया जाएगा

रत्नों की गिनती के दौरान एक-एक कर खजाने की निधियों की जानकारी लोगों के सामने आएगी। रत्न भंडार की संपत्ति का लेखा- जोखा भी किया जाएगा। हालांकि, श्रद्धा और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए इनकी कीमत का आंकलन नहीं किया जाएगा। भगवान जगन्नाथ के मंदिर में राजा- महाराजाओं और अन्य श्रद्धालुओं की ओर से श्रद्धापूर्वक चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण और मुद्राओं को रत्न भंडार है।

आभूषणों की गिनती में 72 दिन लगे थे

इससे पहले 1978 में खजाने के रत्नों और आभूषणों की गिनती में 72 दिन लगे थे। 1978 में रत्न भंडार में करीब 140 किलो सोने के गहने थे। इन गहनों में कीमती पत्थर जड़े हुए थे। साथ ही लगभग 256 किलो चांदी के बर्तन थे। जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से हाई कोर्ट में दिए गए हलफनामे के अनुसार रत्न भंडार में तीन कक्ष हैं। रत्न भंडार कमेटी के मुताबिक गुरुवार को मंदिर का खजाना खोलने का शुभ मुहूर्त सुबह 9:51 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक निकला है।

रत्न भंडार खोले जाने की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई

रत्न भंडार का निरीक्षण करने वाली टीम का कहना है कि तहखाने और रत्न भंडार वाले कक्ष जर्जर अवस्था में हैं। इनका रखरखाव और मरम्मत करने की जरूरत है। इस पूरी प्रक्रिया को करने में 60 से 70 दिन लग सकते हैं। 14 जुलाई को जब रत्न भंडार खोला गया तो उसकी पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई। आभूषणों की जानकारी अभी गोपनीय रखी गई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट ओडिशा सरकार और हाई कोर्ट को देगी। रत्न भंडार को खोलने की पिछली कोशिश 2018 में हुई थी लेकिन उस समय चाबी नहीं मिली। मंदिर प्रशासन के लोगों का कहना है कि जब तक भगवान जगन्नाथ खुद न चाहें तब तक कोई भी रत्न भंडार खोल नहीं सकता।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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