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ISRO ने अंतरिक्ष में अपने ईंधन सेल का किया सफल परीक्षण, भविष्य के मिशनों में आएगी क्रांति

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 5, 2024, 03:02 PM IST

ISRO Fuel Cell Test: इसरो ने कहा कि प्रयोग का उद्देश्य अंतरिक्ष में पॉलिमर इलेक्ट्रोलाइट मेम्ब्रेन ईंधन सेल संचालन का आकलन करना और भविष्य के मिशनों के लिए सिस्टम के डिजाइन की सुविधा के लिए डेटा एकत्र करना है।

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इसरो का सफल मिशन

ISRO Fuel Cell Test: भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि उसने अंतरिक्ष में अपने ईंधन सेल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इसरो के अनुसार, उसने 1 जनवरी को पीएसएलवी-सी58 रॉकेट पर लॉन्च किए गए अपने कक्षीय प्लेटफॉर्म, पीओईएम3 में 100 डब्‍ल्‍यू श्रेणी के पॉलिमर इलेक्ट्रोलाइट मेम्ब्रेन ईंधन सेल आधारित पावर सिस्टम (एफसीपीएस) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इसरो ने कहा कि प्रयोग का उद्देश्य अंतरिक्ष में पॉलिमर इलेक्ट्रोलाइट मेम्ब्रेन ईंधन सेल संचालन का आकलन करना और भविष्य के मिशनों के लिए सिस्टम के डिजाइन की सुविधा के लिए डेटा एकत्र करना है।

डेटा का खजाना प्रदान किया

अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि छोटी अवधि के परीक्षण के दौरान उच्च दबाव वाले जहाजों में ऑन-बोर्ड पीओईएम पर संग्रहीत हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों से 180 डब्‍ल्‍यू बिजली उत्पन्न की गई। इसरो ने कहा कि इसने विभिन्न स्थैतिक और गतिशील प्रणालियों के प्रदर्शन पर डेटा का खजाना प्रदान किया, जो बिजली प्रणाली और भौतिकी का हिस्सा थे। दक्षता के साथ मिशनों को शक्ति प्रदान करना और केवल पानी का उत्सर्जन करना, ये ईंधन सेल अंतरिक्ष आवासों में बिजली उत्पादन के लिए भविष्य हैं।

ऐसे करता है काम

इसरो ने कहा, हाइड्रोजन ईंधन सेल शुद्ध पानी और गर्मी के साथ-साथ हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों से सीधे बिजली का उत्पादन करते हैं। यह एक विद्युत जनरेटर है, जो पारंपरिक जनरेटर में नियोजित दहन प्रतिक्रियाओं के विपरीत, बैटरी की तरह इलेक्ट्रोकेमिकल सिद्धांतों पर काम करता है। बिना किसी मध्यवर्ती चरण के ईंधन से सीधे बिजली उत्पादन करने की क्षमता उन्हें बहुत कुशल बनाती है। एकमात्र उप-उत्पाद के रूप में पानी के साथ, वे पूरी तरह से उत्सर्जन मुक्त हैं। इसरो ने कहा कि ये विशेषताएं उन्हें मनुष्यों से जुड़े अंतरिक्ष मिशनों के लिए आदर्श उम्मीदवार बनाती हैं, जहां बिजली, पानी और गर्मी आवश्यक हैं, क्योंकि एक प्रणाली मिशन में कई आवश्यकताओं को पूरा कर सकती है।

ईंधन सेल से अंतरिक्ष स्टेशन को मिलेगी ऊर्जा

ईंधन कोशिकाओं में महत्वपूर्ण सामाजिक अनुप्रयोग क्षमता भी होती है। इन्हें आज उपयोग में आने वाले विभिन्न प्रकार के वाहनों के इंजनों को बदलने और स्टैंडबाय पावर सिस्टम को पावर देने के लिए सबसे उपयुक्त समाधान भी माना जाता है। ईंधन सेल आज के पारंपरिक इंजन के बराबर रेंज और ईंधन रिचार्ज समय प्रदान कर सकते हैं, जो उन्हें बैटरी पर एक विशिष्ट लाभ देता है, और उत्सर्जन मुक्त परिवहन की सुविधा प्रदान करने की उम्मीद है। इसरो ने कहा, ईंधन सेल अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक आदर्श ऊर्जा स्रोत है, क्योंकि यह बिजली और शुद्ध पानी दोनों प्रदान करता है। (आईएएनएस)

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