Gaganyaan Vehicle Test: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार सुबह एक मानवरहित उड़ान परीक्षण की शुरुआत कर दी है। ये गगनयान मिशन की दिशा में पहला कदम है। ISRO ने आज आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से गगनयान का पहला उड़ान परीक्षण वाहन एबॉर्ट मिशन -1 (टीवी-डी1) का ट्रायल शुरू किया। पहले ये मिशन सुबह साढ़े 8 बजे लॉन्च होना था, मगर शुक्रवार को इसरो ने बताया कि मौसम में खराबी के चलते समय में बदलाव किया गया और आठ बजकर 45 मिनट पर लॉन्चिंग का समय निर्धारित हुआ, हालांकि कुछ तकनीकी खराबी के चलते इसे होल्ड पर डाल दिया गया। थोड़ी देर बाद जानकारी सामने आई कि 10 बजे गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल की लॉन्चिंग होगी। तय समय पर इसकी सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की गई।
गगनयान मिशन के पहले टेस्ट का लॉन्च सफल
इसरो चीफ ने सफल लॉन्चिंग पर जाहिर की खुशी
गगनयान के पहले टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन -1 (टीवी-डी1) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया। इसरो के गगनयान मिशन के पहले टेस्ट मिशन (टीवी-डी-1) का लॉन्च सफल रहा। ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा, "मुझे गगनयान टीवी-डी1 मिशन की सफलता की घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है।"
क्या है इस मिशन के लिए इसरो का पूरा प्लान?
परीक्षण उड़ान परियोजना का उद्देश्य मनुष्यों को 400 किलोमीटर की कक्षा में भेजने और बंगाल की खाड़ी के समुद्र में उतारकर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने की भारत की क्षमता को साबित करना है। गगनयान फर्स्ट फ्लाइट मिशन की पूरी तरह से मानव रहित रहा। उसके बाद दूसरे मिशन में महिला रोबोट भेजा जाएगा। इसके तीसरे मिशन में मानव को भेजा जाएगा। तीसरे मिशन में मानव को वर्ष 2023 के अंत में या 2024 में भेजा जाएगा। गगयान 3 में 3 लोगों की एक टीम को 3 दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
ऐसा मिशन शुरू करने वाला चौथा देश बनेगा भारत
गगनयान परियोजना में 3 दिनों के मिशन के लिए 3 सदस्यों के एक दल को 400 किमी की कक्षा में लॉन्च करके और भारतीय समुद्री जल में उतरकर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाकर मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करने की परिकल्पना की गई है। यह कार्यक्रम भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान मिशन शुरू करने वाला चौथा देश बना देगा। यह उल्लेखनीय है कि ह्यूमन रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3) के 3 अनक्रूड मिशनों सहित लगभग 20 प्रमुख परीक्षणों की योजना बनाई गई है। इंडियन एयरफोर्स के पायलटों को एस्ट्रोनॉट बनाकर HLVM3 रॉकेट के जरिए ही अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
2040 तक चंद्रमा पर पहुंचेगा पहला भारतीय एस्ट्रोनॉट
हाल के चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 मिशन सहित भारतीय अंतरिक्ष पहल की सफलता के आधार पर, प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया कि भारत को अब नए और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों का लक्ष्य रखना चाहिए, जिसमें वर्ष 2035 तक 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' (भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन) की स्थापना और 2040 तक चंद्रमा पर पहला भारतीय भेजना भी शामिल है। गगनयान मिशन की फाइनल लॉन्चिंग 2025 में होगी। वर्ष 2035 तक भारत का अपना स्पेस स्टेशन बन जाएगा। 2040 तक चंद्रमा पर पहला भारतीय एस्ट्रोनॉट पहुंचेगा।
