मिडल-ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच जंग छिड़ी हुई है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं और ईरान में बड़ी तबाही का मंजर दिख रहा है। ईरान के कई बड़े अधिकारियों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। अमेरिका और इजरायल दोनों की तरफ से दावा किया गया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई तेहरान में हुए एक एयरस्ट्राइक में मारे गए हैं। इधर ईरान ने भी इजरायल सहित मिडल-ईस्ट के कई देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इधर भारत इन देशों में अपने लोगों को लेकर चिंतित है और कई जगह काउंसलर सर्विसेज को बंद कर दिया गया है। ईरान के आसमान से होकर जाने वाली कई विमान सेवाओं को भी कैंसिल कर दिया गया है।
दोहा में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि 'मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, कतर में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे ध्यान दें कि 1 मार्च 2026 को दोहा में भारतीय दूतावास में रेगुलर कॉन्सुलर सर्विस बंद रहेंगी। हालांकि, दूतावास के अधिकारी कांसुलर (पासपोर्ट, वीजा, अटेस्टेशन वगैरह) और लेबर से जुड़ी इमरजेंसी सर्विस के लिए उपलब्ध रहेंगे।'
एक अन्य पोस्ट में दोहा दूतावास ने कहा कि दोहा में भारतीय दूतावास के अधिकारी यहां फंसे हुए यात्रियों के बारे में अलग-अलग एयरलाइंस और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।'
ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों के ऊपर हवाई क्षेत्र में लगाए गए प्रतिबंधों का असर भारतीय उड़ानों पर देखने को मिल रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइनों की कुल 410 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि आज यानी रविवार 1 मार्च को 444 उड़ानों के रद्द होने की संभावना जताई गई है। सुरक्षा कारणों और वैकल्पिक मार्गों की सीमित उपलब्धता के चलते यह कदम उठाया गया है।
DGCA ने कहा है कि वह सभी हवाई सेवा देने वाली कंपनियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है, ताकि सुरक्षा और परिचालन संबंधी सभी नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
देश के प्रमुख हवाई अड्डों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित डायवर्जन, अतिरिक्त यात्री दबाव और टर्मिनल प्रबंधन को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तैनात कर दिया गया है। यात्री सहायता, एयरलाइन समन्वय और भीड़ प्रबंधन की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (PACR) ने भी यात्रियों की शिकायतों पर नजर बनाए रखी है। शनिवार 28 फरवरी को एयरसेवा पोर्टल पर 216 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 105 का उसी दिन निस्तारण कर प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।
मंत्रालय ने भरोसा दिया है कि सभी संबंधित पक्ष आपसी मेलजोल के साथ काम कर रहे हैं, ताकि प्रभावित यात्रियों को समय पर मदद मिल सके और स्थिति को व्यवस्थित ढंग से संभाला जा सके।
इधर उड़ान सेवा देने वाली कंपनी इंडिगो की तरफ से भी बयान आया है। इंडिगो ने कहा है कि वह हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। स्थिति को देखते हुए हम अपने यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए हमेशा ही सबसे अहम चीज है। हालात अनिश्चित हैं, हमारी टीम पूरी तरह से हालात पर नजर बनाए हुए है। हम पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्णय ले रहे हैं। हालात को देखते हुए आपकी यात्रा के शेड्यूल में कुछ बदलाव हो सकते हैं। ऐसा होने पर हम तुरंत आपसे संपर्क करेंगे।
