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Smog और Fog की जुगलबंदी से दिल्ली की हवा खराब, AQI 400 के करीब, अंधेरा इतना कि दिन में रेंगते रहे वाहन

Delhi Smog or Fog: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, राजधानी दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी 400 के करीब पहुंग गई है, जो काफी खतरनाक मानी जाती है। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के आनंद बिहार इलाके में सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 394 दर्ज किया गया, जो 'वेरी पुअर' श्रेणी में पहुंच गया।

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दिल्ली में छाई धुंध।

Photo : ANI

Delhi Smog or Fog: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत आसपास के क्षेत्रों में आज (बुधवार) मौसम अचानक बदला दिखाई दिया। एक तरफ गुलाबी ठंड ने राजधानी में दस्तक दी तो दूसरी तरफ Smog और Fog की जुगलबंदी ने पूरा असर दिखाया। नवंबर की सुबह आसमान में धुंध दिखाई दी। हालांकि, धुंध की वजह कोहरा और प्रदूषण दोनों रहे। एक तरफ मौसम का अब तक का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया तो प्रदूषण के कारण बनी धुंध से विजिबिलिटी घटकर 100 मीटर पहुंच गई। आलम यह हुआ कि सुबह 6 से 7 बजे के बीच सड़क पर लोगों को हेडलाइट्स जलानी पड़ी।

मौसम विभाग एक तरफ कोहरे का अनुमान जता रहा है तो दूसरी तरफ धुंध की वजह प्रदूषण को भी माना जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, राजधानी दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी 400 के करीब पहुंग गई है, जो काफी खतरनाक मानी जाती है। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के आनंद बिहार इलाके में सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 394 दर्ज किया गया, जो 'वेरी पुअर' श्रेणी में पहुंच गया। वहीं, इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर भी एक्यूआई 361, आईटीओर पर 372 दर्ज किया गया। सुबह 6 बजे दिल्ली में औसतन एयर क्वालिटी इंडेक्स 349 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब कैटेगरी में आता है।

कोहरे और स्मॉग में अंतर?

ठंड करीब आते ही हवा में तैरती पानी की बूंदों से फॉग बनता है, जिसे हम कोहरा कहते हैं। हालांकि, स्मॉग ऐसा नहीं होता और यह काफी खतरनाक भी होता है। स्मॉग का कारण धुएं और प्रदूषण का मिश्रण होता है। आसमान में प्रदूषण के कारण धुएं की चादर बैठ जाती है, इसका रंग हल्का भूरा होता है। स्मॉग के कारण सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन भी हो सकती है। वहीं, कोहरे का रंग सफेद होता है।

बढ़ने वाली है ठंड

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है। 13 नंवबर (बुधवार) को तापमान में गिरावट महसूस की गई। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आज दिल्ली का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, न्यूनतम तापमान 14 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, पहाड़ों पर शुरू हुई बर्फबारी के कारण जल्द ही दिल्ली में ठंड बढ़ेगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 18 नवंबर के बाद दिल्ली-एनसीआर के तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी और 20 नंवबर के बाद ठीक-ठाक सर्दी महसूस होगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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