देश

वेनेज़ुएला से लौटे नाविक के शव से 'अंग गायब', FSUI बोला- 'अस्वीकार्य', अंग-तस्करी का आरोप, MEA से जांच की मांग

FSUI का आरोप है कि वेनेज़ुएला में भारतीय नाविक राकेश चौहान की संदिग्ध हालात में मौत हुई; शव वापस आने पर शरीर के अंग गायब पाए गए; संगठन ने विदेश मंत्रालय से दखल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Image

भारतीय नाविक राकेश चौहान (फाइल फोटो)

भारतीय नाविक राकेश चौहान के परिवार ने आरोप लगाया है कि वेनेज़ुएला से शव वापस लाए जाने पर उनके शरीर से कई अहम अंग गायब थे, जिससे उनकी मौत के हालात पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 'फेडरेशन ऑफ़ सीफेयरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया' (FSUI) ने X पर यह मुद्दा उठाया है और इस मामले को 'अस्वीकार्य' बताते हुए गहन जांच की मांग की है।

FSUI के अनुसार, राकेश का शव 'वेनेज़ुएला के अधिकारियों की ओर से बिना किसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट या जानकारी के' उत्तर प्रदेश में उनके गृहनगर भेजा गया था। FSUI ने X पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है और गहन जांच की मांग की है। FSUI ने कहा, 'यह अस्वीकार्य है। नाविकों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।'

दिमाग, दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी समेत शरीर के कई अहम अंदरूनी अंग गायब

FSUI ने बताया कि परिवार की मांग पर भारत में पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें पता चला कि दिमाग, दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी, प्लीहा (spleen), अग्न्याशय (pancreas), पेट और आंतों समेत शरीर के कई अहम अंदरूनी अंग गायब थे। FSUI ने आरोप लगाया कि थायरॉयड, हायोइड, लैरिंक्स और ट्रेकिया भी गायब थे। रिपोर्ट में गर्दन से पेट तक और सिर पर बड़े पैमाने पर टांके लगे होने की बात भी सामने आई। FSUI के मुताबिक, मौत से पहले लगी कोई चोट नहीं पाई गई और अंगों के न होने के कारण मौत का कारण पता नहीं चल सका।नाविकों के संगठन के अनुसार, शव को गृहनगर भेजने से पहले लगभग एक महीने तक डीप फ्रीज में रखा गया था।

FSUI ने तीन मांगें रखी हैं और 'न्याय, पारदर्शिता और मुआवजा सुनिश्चित करने' के लिए सरकार से दखल देने का आग्रह किया है।

FSUI ने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवज़े की भी मांग की है।

FSUI की 3 मांगें इस प्रकार हैं:-

1. वेनेज़ुएला के अधिकारियों से पूरी जांच और जवाबदेही की मांग

2. वेनेज़ुएला में भारतीय दूतावास का तुरंत दखल

3. पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मौत के हालात, और परिवार के लिए न्याय और मुआवजा

समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर व्यापक चिंता

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब समुद्री कर्मचारियों के संगठन दुनिया भर में, खासकर संघर्ष वाले इलाकों में, भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर चिंता जता रहे हैं।इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि भू-राजनीतिक तनाव के बीच समुद्री कर्मचारी 'खुद को भुला दिया गया' महसूस करते हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि शिपिंग का इस्तेमाल संघर्षों में जैसे कि अभी चल रहे अमेरिका-ईरान संकट में मोहरे के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए।

भारत ने ईरान संकट के बीच मर्चेंट शिपिंग पर हमलों का कड़ा विरोध किया

उनकी यह टिप्पणी इस इलाके में हुई कई घटनाओं के बाद आई है, जिसमें इस महीने की शुरुआत में ओमान के तट पर एक कमर्शियल टैंकर पर हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें तीन भारतीय समुद्री कर्मचारियों की मौत हो गई थी। तनावपूर्ण इलाकों से गुजरने की कोशिश कर रहे एक और जहाज़ पर भी हमला हुआ था, जिसमें भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। गौरतलब है कि भारत ने ईरान संकट के बीच मर्चेंट शिपिंग पर हमलों का कड़ा विरोध किया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article