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Strait of Hormuz से सीधा निकल रहा भारतीय जहाज, LPG लेकर Green Asha भारत के लिए रवाना

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर Green Asha सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz को पार कर गया है। मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद यह इस मार्ग से गुजरने वाला नौवां भारतीय जहाज है।

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ग्रीन आशा टैंकर भारत की ओर निकला (AI Photo- Copilot)

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बावजूद भारत से जुड़ा एक और जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज पार करने में कामयाब रहा है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर Green Asha सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz को पार कर गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इस क्षेत्र में सैन्य तनाव और संभावित नाकेबंदी के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। इसके बावजूद ‘ग्रीन आशा’ का सुरक्षित पार होना इस बात का संकेत है कि भारत अपने ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को चालू रखने में सक्रिय और सतर्क बना हुआ है।

नौवां भारतीय टैंकर, जो तनाव के बीच निकला

सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से यह नौवां भारतीय टैंकर है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। इससे पहले भी कई भारतीय जहाज इस संवेदनशील मार्ग से गुजर चुके हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं हुई है। इससे पहले दो एलपीजी कैरियर-BW TYR और BW ELM-करीब 94,000 टन माल लेकर इस क्षेत्र से सुरक्षित गुजर चुके हैं। वहीं, Pine Gas और Jag Vasant ने 26 से 28 मार्च के बीच कुल 92,612 टन एलपीजी की डिलीवरी की थी।

भारत के प्रमुख बंदरगाहों तक पहुंचती रही सप्लाई

इससे पहले MT Shivalik और MT Nanda Devi ने लगभग 92,712 टन एलपीजी गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और कांडला बंदरगाह तक पहुंचाई थी।

इसके अलावा, Jag Laadki ने संयुक्त अरब अमीरात से करीब 80,886 टन कच्चा तेल भारत पहुंचाया, जबकि Jag Prakash ओमान से अफ्रीका तक पेट्रोल लेकर सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर चुका है। Green Sanvi भी लगभग 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर शुक्रवार रात इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर गया था।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में गिने जाने वाले Strait of Hormuz से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की बाधा या संघर्ष का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है। फिलहाल, लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों का सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजरना यह दर्शाता है कि भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए कूटनीतिक और सुरक्षा स्तर पर पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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