Green Sanvi vessel : भारत के लिए अच्छी खबर है। LPG लदा एक और गैस टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर गया है। भारतीय ध्वज वाले इस गैस टैंकर का नाम 'ग्रीन सान्वी' है और इस पर 46,550 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रेलियम गैस यानी LPG लदा है। ईरान ने जिन देशों के ईंधन टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है उसमें भारत भी शामिल है। इसे भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। इस टैंकर के आने से देश में एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति और गति पकड़ेगी।
28 मार्च को एलपीजी लेकर आया एक और जहाज
इससे पहले 28 मार्च को एलपीजी लेकर एक और जहाज गुजरात के जामनगर पहुंचा। इस जहाज पर 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदा था। समाचार एजेंसी एएनआई का कहना है कि ईंधन लेकर आ रहे जहाजों को सुरक्षा देने के लिए भारतीय नौसेना स्टैंड बॉय मोड में है। भारतीय ईंधन टैकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकलें इसके लिए भारत सरकार ईरान के साथ लगातार बातचीत करती आ रही है। इससे पहले जहाजरानी मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी में 18 जहाज और करीब 485 नाविक हैं।
देश का 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ऊर्जा आपूर्ति समेत देश का 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से होता है और ऐसे में उभरते समुद्री खतरों के बीच वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा में भारतीय नौसेना की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां आईएनएस तारागिरी के जलावतरण समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर में लगातार अपनी उपस्थिति बनाए रखती है, चाहे वह फारस की खाड़ी हो या मलक्का जलसंधि।
संवेदनशील इलाकों में नौसेना मौजूद-राजनाथ सिंह
पश्चिम एशिया में मौजूदा परिस्थितियों के कारण तेल आपूर्ति में बाधा और टैंकरों को रोके जाने की स्थिति के बीच उनकी ये टिप्पणियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और सक्षम नौसेना देश के लिए विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। उन्होंने कहा, 'समुद्र में कई संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां हमारी नौसेना लगातार सक्रिय उपस्थिति बनाए रखती है ताकि वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनी रहे। जब भी वहां तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है, भारतीय नौसेना हमारे वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।’
सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना ने यह साबित किया है कि वह न केवल देश के हितों की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि जरूरत पड़ने पर दुनिया भर में अपने नागरिकों और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठा सकती है।
