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भारत की बेटियों के हक के लिए अब और इंतजार नहीं....पीएम मोदी का देश की महिलाओं के नाम पत्र

पीएम मोदी ने कहा, जब हमारी विधानसभाओं में महिलाओं की आवाज मजबूत होती है, तो लोकतंत्र की आवाज भी मजबूत होती है। मैं आगामी संसद सत्र और संवैधानिक संशोधन के पारित होने के लिए आप सभी का आशीर्वाद चाहता हूं।

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पीएम मोदी का देश की महिलाओं के नाम पत्र

Photo : ANI

PM Modi Letter: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि अगर 2029 में लोकसभा और अन्य विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण पूरी तरह लागू होता है, तो भारतीय लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा। देश की महिलाओं को लिखे पत्र में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि महिलाएं कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, इसलिए विधायी निकायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में पारित किए जाने चाहिए और इसमें और देरी दुर्भाग्यपूर्ण और भारत की महिलाओं के साथ घोर अन्याय होगी।

    हमारा लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा

    उन्होंने अपने निजी हैंडल X पर पोस्ट किए गए पत्र में कहा, अगर 2029 के लोकसभा चुनाव और उसी वर्ष होने वाले विभिन्न विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण पूरी तरह लागू होने के साथ आयोजित होते हैं, तो हमारा लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बेटियों को उनके हक के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार करने के लिए नहीं कहा जा सकता।

    पीएम मोदी ने कहा, जब हमारी विधानसभाओं में महिलाओं की आवाज मजबूत होती है, तो लोकतंत्र की आवाज भी मजबूत होती है। मैं आगामी संसद सत्र और संवैधानिक संशोधन के पारित होने के लिए आप सभी का और भारत के कोने-कोने की करोड़ों महिलाओं का आशीर्वाद चाहता हूं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक संसद सत्र में उनकी भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करें।

    'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित

    सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था। महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन पारित होने पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

    लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान संशोधन के माध्यम से लाया गया था। मौजूदा कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा था। इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी; इसलिए, सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए विशेष बैठक कर रही है।

    Amit Mandal
    अमित कुमार मंडलauthor

    अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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