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FIR कराने से इनके अपराध छिप जाएंगे?- राहुल गांधी पर शुद्धीकरण विवाद में उत्तराखंड में केस हुआ दर्ज तो भड़की कांग्रेस

Rahul Gandhi News: उत्तराखंड में राहुल गांधी पर दर्ज FIR को लेकर कांग्रेस भड़की है। पार्टी का कहना है कि शुद्धीकरण करने वाले के बजाय आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई हुई।

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दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी (फोटो- ANI)

Rahul Gandhi News: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में शुद्धीकरण विवाद तो लेकर FIR दर्ज होने पर कांग्रेस भड़की दिख रही है। कांग्रेस ने कहा है कि जिस व्यक्ति ने मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद शुद्धीकरण किया, उसके खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई, बल्कि उस शख्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जो उसके खिलाफ आवाज उठा रहे थे। राहुल गांधी ने इस मामले में दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि जबतक इस मामले में न्याय नहीं मिल जाता, केस दर्ज नहीं हो जाता, वो चुप नहीं बैठेंगे।

कांग्रेस ने शुद्धिकरण विवाद पर बीजेपी को घेरा

कांग्रेस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में प्राथमिकी दर्ज किए जाने को लेकर सोमवार को भाजपा एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि आखिर ’शुद्धीकरण’ करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से इतना डर क्यों है और क्या दलित गरिमा एवं न्याय सुनिश्चित करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है ? कांग्रेस ने कहा, " BJP ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली स्थल का शुद्धिकरण करवाया। जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छुआछूत के इस गंभीर मसले को उठाया तो अब उनपर भी FIR करवा दी। BJP अपराध करने वालों को संरक्षण दे रही है और जो अपराध के खिलाफ बोल रहे हैं उनपर मुकदमे लिखवा रही है। ये पूरा मामला BJP-RSS की दलित विरोधी सोच को दर्शाता है. इनके सिस्टम में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है - ये साबित करता है। इनको लगता है कि FIR कराने से इनके अपराध छिप जाएंगे, ये मामला दब जाएगा। ये इनकी गलतफहमी है। इस देश का हर दलित, शोषित, वंचित व्यक्ति जानता है उनकी आवाज कौन उठा रहा और कौन उनके हक को दबाने में लगा हुआ है।

'शुद्धीकरण का विरोध करने वाले पर FIR'

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को मुद्दा बनाने के बजाय ’शुद्धीकरण’ के मामले को असली मुद्दा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ पहले ही देश भर में 40-50 मामले दर्ज कराए जा चुके हैं और एक और प्राथमिकी दर्ज होने से कोई आसमान नहीं टूट पड़ा। खेड़ा ने कहा, "असली मुद्दा राहुल जी के खिलाफ प्राथमिकी नहीं है। असली मुद्दा ’शुद्धीकरण’ का है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने ’शुद्धीकरण’ के खिलाफ आवाज उठाई, उसके खिलाफ तो तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर दी गई, लेकिन जिन लोगों ने ’शुद्धीकरण’ किया और करवाया, उनके खिलाफ अब तक एक प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हुई है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में खड़े होकर कहा था कि ’शुद्धीकरण’ हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करे और बाकी क्या हुआ, किसने किया तथा क्यों किया, यह जांच में सामने आ जाएगा। खेड़ा ने सवाल किया, "फिर प्राथमिकी दर्ज करने से इतना डर क्यों? आखिर भाजपा और उत्तराखंड सरकार शुद्धीकरण के ख़िलाफ़ प्राथमिकी से कतरा क्यों रही है? क्या उनकी दलित गरिमा और न्याय सुनिश्चित करने की कोई मंशा ही नहीं है?"

उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ FIR

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कथित ’शुद्धीकरण’ के मामले को लेकर की गई "विवादित टिप्पणी" के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने रविवार को बताया कि हल्द्वानी के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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