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Red Shield Division: आसमान से उतरे 'सुपर डॉग्स', K9 कमांडो देख दुश्मनों की बढ़ेगी धड़कनें... मणिपुर में सेना का हाईटेक ऑपरेशन

भारतीय सेना की रेड शील्ड डिवीजन ने मणिपुर के लेइमाखोंग मिलिट्री स्टेशन में 8 मई को एक हाई-रिस्क स्लिदरिंग एक्सरसाइज के जरिए अपनी आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतरते सैनिकों और K9 डॉग स्क्वॉड के बीच बेहतरीन तालमेल दिखाया गया। यह ड्रिल भविष्य के जटिल ऑपरेशनों, खासकर आतंकवाद विरोधी अभियानों, खोज एवं बचाव कार्यों और आपदा प्रतिक्रिया में सेना की तैयारी को मजबूत करती है।

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रेड शील्ड डिवीजन के K9 वॉरियर्स का हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग कर हाई-वोल्टेज एक्शन। Ministry Of Defence X handle

Red Shield Division: भारतीय सेना की रेड शील्ड डिवीजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्ध के मैदान में केवल हथियार ही नहीं, बल्कि इंसानों और प्रशिक्षित युद्धक डॉग्स (K9 Warriors) का सटीक 'टीमवर्क' जीत की असली गारंटी है।

8 मई यानी शुक्रवार को मणिपुर के लेइमाखोंग मिलिट्री स्टेशन में आयोजित एक 'हाई-रिस्क स्लिदरिंग एक्सरसाइज' के जरिए सेना ने अपनी अविश्वसनीय फुर्ती और आक्रामक मारक क्षमता का लोहा मनवाया। यह ड्रिल महज एक अभ्यास नहीं, बल्कि भविष्य के जटिल ऑपरेशनों के लिए सेना की अभेद्य तैयारी का एक जीवंत प्रमाण थी।

red shield division

भारतीय सेना के 'K9 योद्धाओं' का मणिपुर में शक्ति प्रदर्शन।

आधुनिक युद्धक कौशल की नई परिभाषा

इस विशेष अभ्यास के दौरान हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतरते जांबाज सैनिकों और उनके साथ पूरी लय में चलते 5 डॉग स्क्वॉड ने दुनिया को अपनी अटूट 'ऑपरेशनल सिनर्जी' दिखाई।

घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच दुश्मन का सफाया करने के लिए तैयार इन K9 योद्धाओं ने दिखाया कि वे खोज, बचाव और आतंकवाद विरोधी अभियानों में किस तरह सेना के सबसे घातक हथियार साबित हो सकते हैं। रेड शील्ड डिवीजन का यह शौर्य प्रदर्शन स्पष्ट संदेश देता है कि भारतीय सेना का हर अंग, चाहे वह सैनिक हों या उनके वफादार मूक योद्धा, हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद और आक्रामक है।

आतंकवाद विरोधी और बचाव कार्यों में बढ़ेगी ताकत

यह ड्रिल केवल एक प्रदर्शन मात्र नहीं थी, बल्कि इसने भविष्य के जटिल ऑपरेशनों के लिए सेना की रणनीति को और पुख्ता किया है। प्रशिक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ये प्रशिक्षित कुत्ते आतंकवाद विरोधी अभियानों (Counter-Terror Operations), खोज एवं बचाव कार्यों और आपदा प्रतिक्रिया स्थितियों में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हेलीकॉप्टर से सीधे ऑपरेशन वाली जगह पर उतरने की क्षमता इन डॉग टीमों को दुश्मन के खिलाफ अधिक प्रभावी और तेज बनाती है। यह ड्रिल केवल एक प्रदर्शन मात्र नहीं थी, बल्कि इसने भविष्य के जटिल ऑपरेशनों के लिए सेना की रणनीति को और पुख्ता किया है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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