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पाकिस्तान में कैसे एयर स्ट्राइक को दिया गया अंजाम, किस जगह बोला गया पहला हमला? सेना ने सबकुछ दिया बता

Indian Army Press Conference: भारतीय सेना की ओर से प्रेस कांफ्रेंस करके ऑपरेशन सिंदूर के हर पहलूओं की जानकारी दी गई। भारत ने इस प्रेस कांफ्रेंस के जरिए बता दिया कि कब, कैसे और किस आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया गया।

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पाकिस्तान में घुसकर भारत की एयर स्ट्राइक

Indian Army Press Conference: पाकिस्तान में आतंकियों ठिकानों पर भारत की एयर स्ट्राइक को लेकर भारतीय सेना की ओर से सारी जानकारी दे दी गई है। बुधवार को भारतीय सेना ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस करके ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी। जिसमें सेना की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताया गया। कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। इस प्रेस ब्रीफिंग की शुरुआत में भारत पर हुए कई हमलों से जुड़ी एक क्लिप भी दिखाई गई थी, जिसमें 2001 का संसद हमला, 2008 का मुंबई आतंकी हमला, उरी, पुलवामा और पहलगाम हमला शामिल है।

भारत ने कहां और क्यों किया हमला

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि कैसे भारतीय सशस्त्र बलों ने गुलपुर आतंकी शिविर, कोटली को निशाना बनाया, जो एलओसी से 30 किलोमीटर दूर स्थित था और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा था। पुंछ में 20 अप्रैल, 2023 को हुए हमले और 9 जून, 2024 को तीर्थयात्रियों की बस पर हुए हमले में शामिल आतंकवादियों को इसी शिविर में प्रशिक्षित किया गया था।

पीओजेके में पहला लक्ष्य

कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, "मैं आपको बताना चाहूंगी कि पीओजेके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।"

कब किया गया पाकिस्तान में हमला

वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, "रात 1 बजकर पांच मिनट से 1 बजकर 30 मिनट के बीच हमला किया गया। पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और किसी भी नागरिक की जान को नुकसान से बचाने के लिए स्थानों का चयन किया गया था।"

विदेश सचिव ने क्या कहा

इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संयुक्त ब्रीफिंग में बताया, "22 अप्रैल 2025 को लश्कर और पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों ने कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया और 25 भारतीय नागरिकों और 1 नेपाली नागरिक की हत्या कर दी। आतंकियों ने पर्यटकों को उनके परिवार के सदस्यों के सामने सिर में गोली मार दी। इस दौरान परिवार को धमकाया गया और उस बर्बरता का संदेश देने को कहा गया। चूंकि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन फिर से बढ़ रहा था, इसलिए हमले का मुख्य उद्देश्य उसे नुकसान पहुंचाना और दंगा भड़काना था। पहलगाम में हमला अत्यंत बर्बरतापूर्ण था, जिसमें पीड़ितों को बहुत नजदीक से सिर में गोली मारकर और उनके परिवार के सामने मारा गया। परिवार के सदस्यों को जानबूझकर इस तरह से मारा गया कि उन्हें संदेश वापस ले लेना चाहिए। यह हमला स्पष्ट रूप से कश्मीर में सामान्य स्थिति को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया था। रेजिस्टेंस फ्रंट नामक एक समूह ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की पुष्टि हुई है। पहलगाम पर हुआ हमला कायराना था और पहलगाम हमले की जांच से पाकिस्तान के आतंकवादियों से संबंध उजागर हुए हैं। आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखने वाली हमारी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि भारत पर और हमले हो सकते हैं और उन्हें रोकना और उनसे निपटना आवश्यक समझा गया। आज सुबह, भारत ने सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया। हमारी कार्रवाई नपी-तुली और गैर-बढ़ी हुई, आनुपातिक और जिम्मेदाराना थी। हमने आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित किया।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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