कश्मीर की भारी बर्फबारी में सेना बनी जीवनरक्षक, हंदवाड़ा में मिनी-बुलडोजर से मरीज का सुरक्षित रेस्क्यू
- Reported by: सुहैल नाजिर भट्टEdited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 23, 2026, 03:46 PM IST
कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में मौसम का कहर जारी है। प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग समेत ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी दर्ज की गई है। कुपवाड़ा, बारामूला और शोपियां के ऊंचे क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है, जबकि श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश देखी गई।
इंडियन आर्मी ने मानवीय जिम्मेदारी की मिसाल पेश की
कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के बीच इंडियन आर्मी ने एक बार फिर मानवीय जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा इलाके के वायलगाम में शुक्रवार को सेना ने खास तौर पर डिज़ाइन किए गए मिनी-बुलडोजर की मदद से बर्फ हटाकर एक अस्पताल तक रास्ता बनाया, जिससे एक गंभीर मरीज को समय पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित रूप से ट्रांसफर किया जा सका।
एंटी-टेरर ऑपरेशनों में इस्तेमाल होता मिनी-बुलडोजर
सेना द्वारा तैनात किया गया यह मिनी-बुलडोजर आमतौर पर एंटी-टेरर ऑपरेशनों में इस्तेमाल होता है, लेकिन खराब मौसम और आपात स्थिति को देखते हुए इसे राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया। भारी बर्फ जमने के कारण इलाके में सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया था और सामान्य वाहनों की आवाजाही असंभव हो गई थी। ऐसे में आर्मी की त्वरित कार्रवाई से मरीज की जान बचाने में मदद मिली।
कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में हो रही भारी बर्फबारी
इधर, कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में मौसम का कहर जारी है। प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग समेत ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी दर्ज की गई है। कुपवाड़ा, बारामूला और शोपियां के ऊंचे क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है, जबकि श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश देखी गई। कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं और एहतियातन बिजली आपूर्ति बाधित की गई है। जम्मू-कश्मीर में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के परिणामस्वरूप यह बर्फबारी हुई। गुलमर्ग में कुछ इंच ताजा बर्फ जमा हो गई है।
कश्मीर घाटी में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि तेज हवाओं और बर्फबारी के चलते घाटी में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में जहां बिजली लोड करीब 1700 मेगावाट रहता है, वहीं मौजूदा हालात में यह घटकर 100 मेगावाट से भी कम हो गया है। 33 केवी की कई मुख्य आपूर्ति लाइनें बंद होने से बहाली में दिक्कतें आ रही हैं।
मौसम विभाग ने जताई यह संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से घाटी में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना है। ऐसे हालात में इंडियन आर्मी की यह पहल न केवल आपदा प्रबंधन में उसकी तत्परता दिखाती है, बल्कि आम नागरिकों के प्रति उसके मजबूत कमिटमेंट को भी दिखाती करती है।
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