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कब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत? PM मोदी ने कर दी ये भविष्यवाणी

PM Narendra Modi on Indian Economy: पीएम मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि भारत जल्द तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कि मीडिया के आप सभी लोग, हालातों को बदलने में, देश को दिशा देने में एक अहम रोल निभाते हैं।

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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री।

Mumbai: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत जल्द तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। वह मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी (आईएनएस) के सचिवालय आईएनएस टावर का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। मोदी ने इसका भी जिक्र किया कि कैसे भारत डिजिटल भुगतान में अग्रणी बन गया है।

डिजिटल लेन-देन पर क्या बोले पीएम मोदी?

मोदी ने कहा, 'एक समय था जब कुछ नेता कहते थे कि डिजिटल लेन-देन भारत के लिए नहीं है। उनकी यह पूर्व धारणा थी कि इस देश में आधुनिक तकनीक काम नहीं कर सकती।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'हालांकि, दुनिया देश के लोगों की क्षमताओं को देख रही है। आज भारत डिजिटल लेन-देन में नए कीर्तिमान बना रहा है। भारत के यूपीआई और आधुनिक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की वजह से लोगों की जिंदगी आसान हुई है और उनके लिए एक देश से दूसरे देश में पैसे भेजना आसान हुआ है।'

मीडिया के लिए मोदी ने कही ये बड़ी बात

मोदी ने कहा कि इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी द्वारा किए गए प्रभावी काम से देश को लाभ होगा। उन्होंने कहा, 'मीडिया लोगों को उनकी ताकत से अवगत कराता है।' उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया की स्वाभाविक भूमिका विमर्श को शुरू करना है। मोदी ने कहा, '2014 से पहले ज्यादातर लोग स्टार्टअप शब्द से अनजान थे, लेकिन मीडिया ने इसे घर-घर तक पहुंचा दिया।'

उन्होंने कहा कि मीडिया के आप सभी लोग, हालातों को बदलने में, देश को दिशा देने में एक अहम रोल निभाते हैं। आज भारत एक ऐसे कालखंड में है, जब उसकी अगले 25 वर्षों की यात्रा बहुत अहम है। इन 25 वर्षों में भारत विकसित बने, इसके लिए पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका भी उतनी ही बड़ी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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