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​'आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगा अडिग रुख, इससे समझौता नहीं करेंगे', पाक के साथ सीजफायर पर बोले एस जयशंकर

Ceasefire: भारत और पाकिस्तान के बीच बीते चार दिनों से चल रहे तनावपूर्ण माहौल और गोलीबारी में शनिवार को नरमी आ गई। दोनों देश सीजफायर पर सहमत हो गए। यह सीजफायर शनिवार शाम बांच बजे से लागू भी हो गया। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी अहम भूमिका रही।

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विदेश मंत्री एस जयशंकर।

S Jaishankar Reaction on Ceasefire: भारत और पाकिस्तान के बीच बीते चार दिनों से चल रहे तनावपूर्ण माहौल और गोलीबारी में शनिवार को नरमी आ गई। दोनों देश सीजफायर पर सहमत हो गए। यह सीजफायर शनिवार शाम बांच बजे से लागू भी हो गया। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी अहम भूमिका रही। इस सीजफायर पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ‘भारत और पाकिस्तान के बीच आज गोलीबारी एवं सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी है। भारत ने सभी प्रकार के आतंकवाद के विरुद्ध अपना अडिग रुख कायम रखा है और आगे भी ऐसा ही करता रहेगा।’

भारत ने शुरू किया था‘ऑपरेशन सिंदूर’

विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच गोलीबारी एवं सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बन गई है। यह घोषणा भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किए जाने के कुछ दिन बाद की गई। भारत द्वारा आतंकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद से पाकिस्तान ने विभिन्न भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया।

‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा आतंकवादी कृत्य

भारत ने निर्णय लिया है कि भविष्य में होने वाले किसी भी आतंकवादी कृत्य को देश के खिलाफ ‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा और उसका उसी के अनुसार जवाब दिया जायेगा। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस निर्णय के साथ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आतंकवादी घटनाओं के खिलाफ लक्ष्मण रेखा खींचने का प्रयास किया है तथा अपराधियों और षड्यंत्रकारियों को दृढ़ता से जवाब देने का अपना इरादा स्पष्ट किया है।

पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए

इस कदम को पाकिस्तान के लिए कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो भारतीयों को निशाना बनाने में शामिल विभिन्न आतंकवादी समूहों से जुड़ा हुआ है। यह निर्णय 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच लिया गया है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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