भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के तहत एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति बन गई है। इस समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मील का पत्थर माना जा रहा है। खास तौर पर इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने का बड़ा अवसर मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि दोनों देश Pax Silica जैसे अमेरिकी नेतृत्व वाले वैश्विक पहल का हिस्सा हैं, जिसका मकसद क्रिटिकल मिनरल्स के वैकल्पिक स्रोत विकसित करना और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करना है, ताकि दुनिया भर की इंडस्ट्री और अर्थव्यवस्थाओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
अमेरिकी टैरिफ में बड़ी कटौती
पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25 फीसदी पेनल्टी टैरिफ को वापस लेने का कार्यकारी आदेश जारी किया है। इसके तहत अमेरिका जल्द ही नया आदेश जारी कर इस टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर देगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को समझौते को लेकर सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि यह डील भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।समुद्री उत्पाद उद्योग में जश्न
पीयूष गोयल ने बताया कि समुद्री उत्पाद उद्योग पहले से ही इस फैसले का स्वागत कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका में ड्यूटी बढ़कर 50 फीसदी हो गई थी, तब भारतीय निर्यातकों ने वैकल्पिक बाजार तलाशे और सरकार ने इसमें मदद की। इसका परिणाम यह रहा कि अमेरिका में निर्यात घटने के बावजूद बीते कुछ महीनों में सीफूड निर्यात 20 फीसदी तक बढ़ा। अब अमेरिकी शुल्क घटकर 18 फीसदी होने से निर्यातकों को दोहरा फायदा मिलेगा, नए खुले बाजार भी और अमेरिका में बेहतर पहुंच भी।
कृषि और खाद्य उत्पादों पर राहत
समझौते के तहत, भारत अमेरिका को सोयाबीन तेल के आयात पर कोटा-आधारित शुल्क रियायत देगा। कृषि समेत कई भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में शून्य जवाबी शुल्क लागू होगा। अमेरिका में कुछ फल, सब्जियां, चाय और कॉफी पर भी शून्य जवाबी शुल्क लगेगा।
संवेदनशील क्षेत्रों को छूट नहीं
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत ने डेयरी उत्पादों, चीनी और मोटे अनाज पर अमेरिका को कोई शुल्क छूट नहीं दी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता किसानों, एमएसएमई और हस्तशिल्प क्षेत्र के हितों को किसी तरह से प्रभावित नहीं करेगा।
सेब आयात पर शर्तों के साथ रियायत
भारत अमेरिका से सेब के आयात पर कोटा-आधारित शुल्क रियायत देगा, लेकिन इसके लिए न्यूनतम आयात मूल्य 80 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है।
Pax Silica से क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में तैयार होगी मजबूत और लचीली सप्लाई चेन
आगे पीयूष गोयल ने भरोसा जताया कि Pax Silica में शामिल समान सोच वाले देशों की भागीदारी से क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में मजबूत और लचीली सप्लाई चेन तैयार होगी, जिसका सीधा लाभ भारत को भी मिलेगा।
भारत एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनता जा रहा
वाणिज्य मंत्री ने बताया कि भारत पहले से ही वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों के लिए बड़ा सप्लायर है। उन्होंने कहा कि बोइंगऔर एयरबस दोनों ही भारत से बड़े पैमाने पर एयरक्राफ्ट पार्ट्स खरीद रही हैं। इतना ही नहीं, दोनों कंपनियां भारत को अपना सबसे बड़ा विदेशी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही हैं। पीयूष गोयल के मुताबिक, इन कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत में भारत-अमेरिका साझेदारी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है, जो इस अंतरिम समझौते के लागू होने के बाद और मजबूत होगा।
ऑटो पार्ट्स को शून्य ड्यूटी का फायदा
- वाणिज्य मंत्री ने बताया कि इस फैसले से भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा।
- कुछ ऑटो पार्ट्स पर शून्य शुल्क मिलेगा।
- बाकी ऑटो पार्ट्स 18 फीसदी टैरिफ श्रेणी में आएंगे।
- भारत के करीब 50 फीसदी ऑटो पार्ट्स निर्यात को पूरी तरह जीरो-ड्यूटी का फायदा मिलेगा।
