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पन्नू साजिश मामले पर अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज, इसमें RAW ऑफिसर का जिक्र

नवंबर 2022 में फाइनेंशियल टाइम्स ने रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका ने पन्नू को मारने की साजिश को विफल कर दिया है और इसमें भारत के कथित तौर पर शामिल होने को लेकर चेतावनी जारी की थी।

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पन्नू मामले में भारत ने खारिज की मीडिया रिपोर्ट

Photo : PTI

India Slams Report Over Pannun: अमेरिका में एक मीडिया आउटलेट द्वारा खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़ी एक रिपोर्ट को भारत ने पूरी तरह से खारिज किया है। इस रिपोर्ट में पन्नू को मारने की कथित साजिश से जुड़े गंभीर मामले पर अनुचित और निराधार आरोप लगाए गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह रिपोर्ट एक गंभीर मामले पर अनुचित और निराधार आरोप लगाती है।

उच्च-स्तरीय समिति कर रही जांच

उन्होंने कहा कि संगठित अपराधियों, आतंकवादियों और अन्य के बारे में अमेरिकी सरकार द्वारा साझा की गई सुरक्षा चिंताओं की पड़ताल के लिए भारत सरकार द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति की जांच चल रही है। ऐसे में इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां उचित नहीं हैं। वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के एक अधिकारी ने अमेरिका स्थित अलगाववादी नेता को मारने के लिए किराए की टीम को निर्देश दिया था।

जायसवाल ने कहा कि आपराधिक और आतंकवादी नेटवर्क के संबंध में अमेरिका द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि इस पर अटकलें और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां मददगार नहीं होंगी।

पन्नू को मारने की कथित साजिश विफल

नवंबर 2022 में फाइनेंशियल टाइम्स ने रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका ने पन्नू को मारने की साजिश को विफल कर दिया है और इसमें भारत के कथित तौर पर शामिल होने को लेकर चेतावनी जारी की थी। मैनहट्टन अदालत में दायर अभियोग में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को एक साजिशकर्ता के रूप में नामित किया गया था। इसमें कहा गया था कि गुप्ता ने कथित तौर पर एक अज्ञात भारतीय अधिकारी के साथ साजिश में सहयोग किया था। इस अधिकारी को "सीसी -1" (CC-1) नाम दिया गया था।

वाशिंगटन पोस्ट का दावा

वाशिंगटन पोस्ट ने "सीसी-1" की पहचान रॉ के एक अधिकारी के रूप में की है। भारत ने लगातार इन आरोपों का खंडन किया है और इन्हें सरकारी नीति के विपरीत बताया है। आरोपों की जांच के लिए नवंबर 2023 में एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि पन्नू की हत्या की साजिश में एक सरकारी अधिकारी की कथित संलिप्तता की जांच में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा हित शामिल हैं।

अमेरिका ने कहा, उठाते रहेंगे अपनी चिंताएं

वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि बाइडन प्रशासन ने इस अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाने से परहेज किया है। इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा कि उसे उम्मीद है कि जांच के नतीजे के आधार पर भारत सरकार जवाबदेही लेगी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। भारत सरकार बहुत स्पष्ट है कि वे इसे गंभीरता से ले रहे हैं और इसकी जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उसके आधार पर सरकार से जवाबदेही की उम्मीद करते हैं। लेकिन हम अपनी चिंताओं को उठाना जारी रखेंगे। यह रुकने वाला नहीं है। हम अपनी चिंताओं को सीधे भारत सरकार के सामने उठाना जारी रखेंगे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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