देश

एक-दूसरे की चिंताओं का हो सम्मान...जस्टिन ट्रूडो के बधाई संदेश पर पीएम मोदी का जवाब

कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने मोदी को लोकसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद छह जून को कहा था कि मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित देशों के लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा भारत सरकार के साथ खड़ा है।

Image

ट्रूडो ने दी पीएम मोदी को बधाई

Trudeau Congrats PM Modi: भारत-कनाडा संबंधों में को लेकर एक बार फिर तब चर्चा छिड़ गई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने कनाडाई समकक्ष जस्टिन ट्रूडो के एक बधाई संदेश का जवाब देते हुए कहा कि भारत परस्पर समझ और एक-दूसरे की चिंताओं के सम्मान के आधार पर ओटावा के साथ काम करने के लिए उत्सुक है। पिछले साल सितंबर में ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट शामिल हैं। इसके बाद से भारत और कनाडा के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं।

भारत ने ट्रूडो के आरोपों को बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया था। ट्रूडो की बधाई पर मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, बधाई संदेश के लिए धन्यवाद प्रधानमंत्री ट्रूडो। भारत परस्पर समझ और एक-दूसरे की चिंताओं का सम्मान करने पर आधारित रिश्तों के मद्देनजर कनाडा के साथ काम करने को लेकर आशान्वित है।

ट्रूडो ने दी मोदी को बधाई

इससे पहले कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने मोदी को लोकसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद छह जून को कहा था कि मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित देशों के लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा भारत सरकार के साथ खड़ा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी चुनावी जीत पर बधाई। कनाडा दोनों देशों के लोगों के बीच मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उनकी सरकार के साथ काम करने को तैयार है।

कनाडा की धरती पर मौजूद खालिस्तानी

भारत का कहना है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा कनाडा द्वारा कनाडा की धरती से अपनी गतिविधियां चलाने वाले खालिस्तानी समर्थक तत्वों को जगह देना है। खालिस्तानी समर्थक तत्वों द्वारा भारतीय राजनयिकों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने के मामले भी सामने आए हैं। पिछले साल ट्रूडो के आरोपों के कुछ दिनों बाद भारत ने ओटावा से समानता सुनिश्चित करने के लिए देश में अपने राजनयिकों की संख्या कम करने को कहा था।

कनाडा ने बाद में भारत से 41 राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया था। भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए निज्जर की पिछले साल 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जांच रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) कर रही है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article