संसद के शीत सत्र में सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को भी चीनी घुसपैठ और अतिक्रमण का मुद्दा थमता न दिखा। दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से चीन के मुद्दे पर हंगामा हुआ। राज्यसभा में पूरे विपक्ष की तरफ से रूल 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया गया, जिसे राज्यसभा के सभापति की ओर से खारिज कर दिया गया। बाद में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में पूरे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
दरअसल, अरुणाचल के तवांग में हाल ही में चीनी घुसपैठ के प्रयास की तस्वीर सामने आई थी, जिसे भारतीय सेना द्वारा मुहतोड़ जवाब देते हुए नाकाम कर दिया गया। संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार की तरफ से बयान भी दिया। लेकिन विपक्ष पिछले तीन चार दिनों से इस पर चर्चा कराने की मांग पर अड़ा है। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन को परंपरा का हवाला देते हुए इस मुद्दे को उठाने का प्रयास किया था।
उनका कहना है कि यह सदन की परंपरा रही है कि सदन के नेता, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता को कोई भी मुद्दा उठाने के लिए नोटिस देने की जरूरत नहीं है। बावजूद इसके सभापति ने उनकी मांग खारिज कर दी थी। सोमवार को जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो पूरे विपक्ष की तरफ से सभापति को नोटिस दिया गया था। फिर भी सरकार ने उनकी मांग खारिज कर दी। जिस से नाराज विपक्ष का आरोप है की सरकार चीन के मुद्दे पर सच्चाई छुपाने का प्रयास कर रही है।
सदन से वॉकआउट करने के बाद पूरा विपक्ष मीडिया से रूबरू हुआ। विपक्ष की तरफ से इन सांसदों ने अपनी बात रखीः
संजय सिंह -आपमनोज झा - राजद
प्रियंका चतुर्वेदी -शिवसेना
नासिर हुसैन - कांग्रेस
प्रमोद तिवारी -कांग्रेस
जयंत चौधरी -रालोद
वैसे, लेफ्ट और डीएमके भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी का कहना था कि दाल में कुछ काला जरूर है। भाजपा सरकार चीन का नाम लेने से भी डर रही है, जबकि विपक्ष चाहता है कि चीन के मुद्दे पर सदन में चर्चा के बाद प्रधानमंत्री बयान दें। वहीं, राजद सांसद मनोज झा बोले कि सदन में संसदीय लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। चीन सीमा का अतिक्रमण कर बंकर बना रहा है और सदन में सरकार चर्चा से भाग रही है।
इस बीच, आप के संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले दो साल में 12 लाख करोड़ का व्यापार दिया है, जिसका इस्तेमाल चीन भारत के खिलाफ ही हथियार खरीदने में कर रहा है। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि हम सेना के शौर्य पर सवाल नहीं खड़ा कर रहे। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि गलवान, डोकलम और अब तवांग घुसपैठ कर रहा है, पर सरकार क्या कर रही है?
