सरकार ने चीनी पुर्जों के इस्तेमाल से बनाए जा रहे 400 रक्षा ड्रोन्स के सौदे को रद्द कर दिया है। इन ड्रोन्स में लगाए जा रहे चीनी पुर्जों से साइबर सुरक्षा का खतरा था, जिसके कारण यह सौदा रद्द किया गया है।
LAC पर तैनात होने थे ये ड्रोन
मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने 400 लॉजिस्टिक्स ड्रोन के तीन सौदे रद्द कर दिए, क्योंकि इनमें चीनी पुर्जे और इलेक्ट्रॉनिक्स इस्तेमाल हो रहे थे।अप्रैल 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन संघर्ष के बाद से भारत ने चीनी पुर्जों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लेना शुरू किया। कुछ भारतीय कंपनियां भी चीन से इलेक्ट्रॉनिक्स और पुर्जे लेकर सेना के लिए ड्रोन बना रही थीं, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक था। ये ड्रोन मुख्य रूप से चीन से लगने वाली लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर सेना के लिए थे। इन ड्रोन्स में चीनी पुर्जों के कारण डाटा सिक्योरिटी और सैन्य ऑपरेशन्स पर खतरा हो सकता था।
स्वदेशी ड्रोन पर फोकस
सरकार ने ड्रोन्स के जिन तीनों सौदों को रद्द किया है, उसकी कुल कीमत 230 करोड़ रुपये थी। पहले भी कुछ ड्रोन मिशनों में तकनीकी खराबी आई थी, जिससे यह चिंता और बढ़ गई। अब सेना ने ड्रोन की खरीद में कड़े चेकिंग नियम लागू किए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इनमें कोई चीनी पुर्जा या मैलवेयर न हो। भारतीय सेना अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है और विभिन्न प्रकार के स्वदेशी ड्रोन खरीद रही है, जैसे कि आर्म्ड ड्रोन, स्वॉर्म ड्रोन, और लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन।
