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राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव, उपराष्ट्रपति पद से हटाए जाने की मांग

राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ को लेकर विपक्ष कई बार हमलावर रहा है। धनखड़ ने भी विपक्षी नेताओं को कई बार आड़े हाथों लिया है। जिसके बाद अब विपक्ष उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है।

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राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • विपक्ष का उपराष्ट्रपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
  • लगाया पक्षपात करने का आरोप
  • इंडिया गठबंधन की पार्टियों का आरोप

देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसकी जानतकारी देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव अभी राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को सौंपा गया है।

अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में विपक्ष का तर्क

जयराम रमेश ने धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कहा- "राज्य सभा के माननीय सभापति द्वारा अत्यंत पक्षपातपूर्ण तरीके से उच्च सदन की कार्यवाही का संचालन करने के कारण INDIA ग्रुप के सभी घटक दलों के पास उनके ख़िलाफ़ औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। INDIA की पार्टियों के लिए यह बेहद ही कष्टकारी निर्णय रहा है, लेकिन संसदीय लोकतंत्र के हित में यह अभूतपूर्व कदम उठाना पड़ा है।"

60 सांसदों के हस्ताक्षर

रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस, राजद, टीएमसी, सीपीआई, सीपीआई-एम, जेएमएम, आप, डीएमके सहित लगभग 60 विपक्षी सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के लिए न्यूनतम आवश्यक संख्या 50 है। सदन में यदि इस प्रस्ताव को लाने की अनुमति मिलती है तो विपक्षी दलों को इसे पारित कराने के लिए साधारण बहुमत की जरूरत होगी, लेकिन फिलहाल उनके पास संख्या बल नहीं है। वर्तमान समय में राज्यसभा में कुल 243 सदस्य हैं और इसमें सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास बहुमत है।

क्या कहता है संविधान

संविधान के अनुच्छेद 67 में उपराष्ट्रपति की नियुक्ति और उन्हें पद से हटाने से जुड़े तमाम प्रावधान किए गए हैं। संविधान के अनुच्छेद 67(बी) में कहा गया है, “उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के एक प्रस्ताव, जो सभी सदस्यों के बहुमत से पारित किया गया हो और लोकसभा द्वारा सहमति दी गई हो, के जरिये उनके पद से हटाया जा सकता है। लेकिन कोई प्रस्ताव तब तक पेश नहीं किया जाएगा, जब तक कम से कम 14 दिनों का नोटिस नहीं दिया गया हो, जिसमें यह बताया गया हो ऐसा प्रस्ताव लाने का इरादा है।’’

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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