India Bangladesh Corridor in Hindi: साल 2014 के बाद से देश में सड़कों का जाल काफी तेजी से फैला है। देश के कई बड़े शहरों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ा गया है। आने वाले कुछ सालों में रोड नेटवर्क और भी ज्यादा समृद्ध होने वाला है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसी क्रम में एक और बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। अब भारत देश में ही नहीं बल्कि विदेश (मुस्लिम देश) में भी एक्सप्रेस-वे बनाने जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से भारत के दो बड़े शहरों की दूरी करीब 450 किलोमीटर कम हो जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, भारत अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश में रोड नेटवर्क बनाने की तैयारी में जुट गया है। यह एक्सप्रेस वे बांग्लादेश के बीचों-बीच से होकर गुजरेगा, जिससे पूर्वोत्तर के शहरों को सीधे पश्चिम बंगाल से जोड़ा जा सकेगा। अभी यह दूरी तय करने में करीब 600 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। एक्सप्रेस-वे तैयार होने के बाद यह दूरी 120 किलोमीटर रह जाएगी।
पहले तय करना पड़ता था 588 किलोमीटर का सफर
बांग्लादेश से गुजरने वाला भारत का यह कॉरीडोर पश्चिम बंगाल के बालुरघाट को मेघालय के तुरा से जोड़ेगा। पहले यह दूरी तय करने में लोगों को 588 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी। हालांकि, अब यह दूरी मात्र 120 किलोमीटर की रह जाएगी। भारत सरकार, बांग्लादेश में सड़क के साथ रेल यातायात पर भी बातचीत कर रही है।
1965 तक खुला था कॉरीडोर
बता दें, भारत- बांग्लादेश का यह कॉरीडोर कोई नया नहीं है। 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच शुरू हुई जंग तक यह कॉरीडोर आम नागरिकों के लिए खुला था। हालांकि, 1971 की जंग के बाद इसे भारतीय नागरियों के लिए बंद कर दिया गया। अब भारत सरकार देश के दो प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए फिर से इस कॉरीडोर को शुरू करने की तैयारी में है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान को मिर्ची लगनी तय मानी जा रही है। दरअसल, यह कॉरीडोर भारत के एक और मुस्लिम देश के साथ बेहतर संबंध का भी गवाह बनेगा।
