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इंडिया गठबंधन ने फिर दिखाई अपनी ताकत, केजरीवाल के समर्थन में जंतर-मंतर पर विपक्ष का हल्लाबोल

Jantar Mantar AAP Protest: अरविंद केजरीवाल के समर्थन में आम आदमी पार्टी के विरोध प्रदर्शन में दिल्ली के मंत्री गोपाल राय, एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार, सीपीआई महासचिव डी राजा, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, अखिलेश यादव शामिल हुए।

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जंतर-मंतर पर आप का प्रदर्शन।

Photo : Twitter

Jantar Mantar AAP Protest: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समर्थन में इंडिया गठबंधन ने एक बार फिर से अपनी ताकत दिखाई है। मंगलवार को आम आदमी पार्टी के बैनर तले विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्लाबोल किया और अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और जेल में उनके स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भाजपा पर केजरीवाल की हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।

धरने में पहुंचे सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा कि जिस तरीके से मोदी सरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल में रखना चाहती है, वह गलत है। अरविंद केजरीवाल का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है इस पर ध्यान देना चाहिए। केंद्रीय एजेंसियों की ओर से विपक्ष के तमाम नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। आज हमने सीएम अरविंद केजरीवाल के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल और कई अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ जो कर रही है, वह हमारे लोकतंत्र के अनुरूप नहीं है।

आप के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता ने कहा कि जांच एजेंसी को सीएम केजरीवाल के खिलाफ कोई एवीडेंस नहीं मिला है। केंद्रीय एजेंसियों की तरफ से आप नेताओं पर कार्रवाइयां की गई हैं, उसका कोई सबूत नहीं मिला है। देश में तानाशाही की सरकार चल रही है। ये सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी। मौजूदा सरकार संविधान को ताक पर रखकर देश चलाना चाहती है।

कांग्रेस के गौरव गोगोई भी पहुंचे जंतर-मंतर

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हम आम आदमी पार्टी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के समर्थन में आए है। सीएम केजरीवाल को अवैध तरीके से जेल में रखा गया है। उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। मोदी सरकार उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रही और उनकी रिहाई नहीं होने दे रही। सरकार लगातार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। यह सरकार 5 साल भी पूरे नहीं करेगी और हम सरकार बनाएंगे। इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली के मंत्री गोपाल राय, एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार, सीपीआई महासचिव डी राजा, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल शामिल हुए।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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