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अगर आप डर रहे हैं तो CBI को सुरक्षा करने दें, कोलकाता कांड को लेकर ममता सरकार पर हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

अस्पताल पर हमला और तोड़फोड़ मामले पर कोलकाता हाई कोर्ट ने ममता सरकार पर सख्त टिप्पणियां की हैं। वहीं, कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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कोलकाता कांड पर हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

Photo : PTI

Kolkata High Court on RG Kar Hospital Attack Case: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या किए जाने के बाद डॉक्टरों और अस्पताल पर घटना को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने इसे प्रशासन की नाकामी करार दिया है। हाई कोर्ट ने पुलिस-प्रशासन को फटकारते हुए कहा कि अगर आप डर रहे हैं तो सीबीआई को सुरक्षा करने दें। हाई कोर्ट ने कहा कि यह सरकार की नाकामी है और मेडिकल कॉलेज को बंद कर देना चाहिए।

ममता सरकार पर उठाए सवाल

हाई कोर्ट ने डॉक्टरों के लिए काम के लिए सुरक्षित वातावरण देने में बंगाल सरकार की क्षमता पर सवाल उठाया है। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य कर्मियों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा करती हैं। सुनवाई के दौरान राज्य पुलिस के वकील ने कलकत्ता हाई कोर्ट को बताया- 7000 लोग जमा हुए थे और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। राज्य ने सक्रिय कदम उठाए लेकिन उस समय अकल्पनीय भीड़ मौजूद थी। चौथी मंजिल पर कोई नहीं पहुंचा।

सरकार की खिंचाई

कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा कि आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भीड़ द्वारा तोड़फोड़ किए जाने की घटना पश्चिम बंगाल में राज्य मशीनरी की पूर्ण विफलता है। अदालत ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन को इस घटना के संबंध में हलफनामे दायर करने का निर्देश दिया। जब राज्य सरकार के वकील ने अदालत से कहा कि लोगों की भीड़ गुरुवार को तड़के एकत्र हुई थी तो मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने कहा कि इस बात पर भरोसा कर पाना कठिन है कि पुलिस खुफिया विभाग को अस्पताल में 7,000 लोगों के एकत्र होने की जानकारी नहीं थी।

अदालत ने पुलिस और अस्पताल के प्रशासन को निर्देश दिया कि वे मामले में सुनवाई की अगली तारीख 21 अगस्त को वास्तविक स्थिति और सभी संबंधित मामलों का विवरण देते हुए दो अलग-अलग हलफनामे दाखिल करें। पीठ ने कहा कि पुलिस को उन घटनाओं का पूरा विवरण रिकॉर्ड में देना चाहिए जिनके कारण अस्पताल में तोड़फोड़ हुई। अदालत ने सीबीआई को भी नौ अगस्त को अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले की जांच की दिशा में हुई प्रगति की अंतरिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। इस घटना के कारण राज्य के सरकारी अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं।

बता दें कि कोलकाता डॉक्टर रेप-मर्डर कांड के विरोध में महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच आधी रात को अस्तपताल पर हमला और तोड़फोड़ की गई थी। इस दौरान पुलिस मौके से भाग निकली और हमलावरों ने यहां जमकर तोड़फोड़ की।

हिंसा-तोड़फोड़ में 19 लोग गिरफ्तार

उधर, कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को शहर की एक अदालत ने 22 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अज्ञात बदमाशों ने कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के परिसर में घुसकर उसके कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इसी अस्पताल में पिछले सप्ताह महिला डॉक्टर का शव मिला था।

पुलिस पर लापरवाही का आरोप

अस्पताल में डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और फिर उसकी हत्या किए जाने की घटना के विरोध में महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच आधी रात को यह तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। परास्नातक प्रशिक्षु के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की घटना के विरोध में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने और कार्यस्थल पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि जब सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा हुई तो पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि अस्पताल के आपातकालीन वार्ड की दो मंजिलों में तोड़फोड़ की गई, दवाइयां लूट ली गई हैं और बुनियादी ढांचे और उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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