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कथित दिल्ली शराब घोटाला: केजरीवाल-सिसोदिया को बेल, BJP ने पूछा-आरोप यदि बेबुनियाद थे तो आरोप कैसे तय हुए?

सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा कि यदि आरोप बेबुनियाद थे तो कोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया के किलाफ आरोप तय करने की इजाजत कैसे दे दी? भाजपा नेता ने कहा कि यह तकनीकी विषय है, कोर्ट का पूरा फैसला पढ़ने के बाद पार्टी व्यवस्थित तरीके से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि करीब 100 सिम कार्ड और मोबाइल फोन नष्ट हुए, जाहिर है कि इससे सबूतों का अभाव हुआ होगा।

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कथित दिल्ली शराब घोटाले में बरी हुए केजरीवाल-सिसोदिया।

Photo : ANI

BJP's reaction on Kejriwal bail: कथित दिल्ली शराब घोटाला में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के बरी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद एवं प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा कि कोर्ट का पूरा फैसला पढ़ने के बाद पार्टी व्यवस्थित तरीके से जवाब देगी। हालांकि, सुधांशु ने पूछा कि यदि आरोप बेबुनियाद थे तो कोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया के किलाफ आरोप तय करने की इजाजत कैसे दे दी? भाजपा नेता ने कहा कि यह तकनीकी विषय है, कोर्ट का पूरा फैसला पढ़ने के बाद पार्टी व्यवस्थित तरीके से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि करीब 100 सिम कार्ड और मोबाइल फोन नष्ट हुए, जाहिर है कि इससे सबूतों का अभाव हुआ होगा।

बरी किए जाने के फैसले को 'तत्काल' चुनौती देगी CBI

केजरीवाल और सिसोदिया को बरी किए जाने के फैसले को सीबीआई दिल्ली उच्च न्यायालय में 'तत्काल’चुनौती देगी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का मानना है कि अपील आवश्यक है क्योंकि जांच के कई पहलुओं को अधीनस्थ अदालत द्वारा या तो 'नजरअंदाज किया गया है या उन पर विचार नहीं किया गया है’। सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'सीबीआई ने अधीनस्थ अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में तत्काल अपील करने का फैसला किया है क्योंकि जांच के कई पहलुओं को या तो नजरअंदाज किया गया है या उन पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया है।’

केजरीवाल, सिसोदिया सहित 23 लोग हुए बरी

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को शराब नीति मामले में सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार करते हुए बरी कर दिया। इस मामले में जिन 21 लोगों को क्लीन चिट दी गई है उनमें तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता भी शामिल हैं। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने जांच में हुई कमियों के लिए सीबीआई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और सिसोदिया एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता। सीबीआई पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।

बरी होने के बाद रो पड़े केजरीवाल

शराब नीति मामले में एक अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद भावुक हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास में 'सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश’थी। फैसला आने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिल्ली के तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री रो पड़े। उन्होंने कहा, 'अदालत ने साबित कर दिया है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी ’कट्टर ईमानदार’ हैं।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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