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IDFC Bank Fraud: आईडीएफसी फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई, 645 करोड़ रुपये के गबन मामले में विक्रम वाधवा गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि वाधवा को अपराध से अर्जित धन के रूप में 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई और उन्होंने इस धन के सृजन, विभिन्न स्तरों पर उसके लेनदेन तथा उसे छिपाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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645 करोड़ रुपये के गबन मामले में विक्रम वाधवा गिरफ्तार (फाइल फोटो)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को कहा कि उसने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और दो निजी स्कूलों से जुड़े बैंक खातों से कथित तौर पर 645 करोड़ रुपये के गबन से संबंधित धन शोधन जांच में तीसरी गिरफ्तारी की है।एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईडी ने 29 मई को रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया।

एजेंसी का आरोप है कि वाधवा को अपराध से अर्जित धन के रूप में 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई और उन्होंने इस धन के सृजन, विभिन्न स्तरों पर उसके लेनदेन तथा उसे छिपाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वाधवा को दो जून तक चार दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया

ईडी ने कहा कि पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तारी के बाद, वाधवा को एक विशेष अदालत के सामने पेश किया गया, जिसने उन्हें दो जून तक चार दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।

IDFC Bank में खातों से 645 करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि का गबन

ईडी के अनुसार, उसकी जांच में अब तक यह खुलासा हुआ है कि ’’हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन तथा चंडीगढ़ और पंचकूला स्थित दो निजी स्कूलों के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खातों से 645 करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि का गबन किया गया।

बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर धन की हेराफेरी

एजेंसी ने आरोप लगाया कि वाधवा ने सह-आरोपी रिभव ऋषि, अभय कुमार, बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर धन की हेराफेरी की। ईडी ने कहा, ’’अपराध से अर्जित धन के सृजन, उसके लेन-देन और उसे छिपाने की प्रक्रिया में विक्रम वाधवा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।’’ ईडी ने इस मामले में ऋषि और कुमार को 11 मई को गिरफ्तार किया था। ग्यारह दिन की हिरासत में पूछताछ के बाद, दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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