वरिष्ठ आईएएस मनोज पंत को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। 1991 बैच के आईएएस अधिकारी पंत, भगवती प्रसाद गोपालिका का स्थान लेंगे, जो शनिवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। भगवती प्रसाद गोपालिका के लिए ममता बनर्जी ने एक्सटेंशन की मांग की थी, जिसे केंद्र ने खारिज कर दिया था।
गोपालिका को पहले मिल चुका था विस्तार
1989 बैच की आईएएस अधिकारी गोपालिका को 31 मई को सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार मिल गया था। उस समय केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनावों के मद्देनजर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को सेवा विस्तार देने की राज्य सरकार की याचिका स्वीकार कर ली थी। जिसके बाद एक बार फिर से ममता सरकार ने विस्तार की मांग की थी। राज्य प्रशासन गोपालिका को दूसरे कार्यकाल विस्तार के लिए केंद्र सरकार से अंतिम समय में मंजूरी मिलने की उम्मीद कर रहा था। हालांकि, मंजूरी नहीं मिलने के कारण शनिवार को पंत को मुख्य सचिव के पद पर पदोन्नत कर दिया गया।
24 घंटे में प्रमोशन
मुख्य सचिव के रूप में पंत की नियुक्ति का आदेश सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने के 24 घंटे से भी कम समय बाद आया। इससे पहले वे वित्त सचिव थे। इस बीच, प्रभात कुमार मिश्रा वित्त विभाग में मनोज पंत की जगह लेंगे।
पंत के सामने चुनौती
पंत ऐसे समय में मुख्य सचिव का पदभार संभाल रहे हैं जब राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल कई मुद्दों के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं, जिनमें कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या तथा भ्रष्टाचार के कई मामले शामिल हैं।
