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भारत में कैसे होगी लड़ाकू विमानों की कमी पूरी? वायुसेना प्रमुख ने बताया, कहा- हर साल चाहिए 35-40 नए फाइटर जेट

मार्च में अमेरिका से एफ-404 इंजन मिलना शुरू होने के बाद वायुसेना को एलसीए मार्क-1ए जेट की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। 2025-26 में कुल एक दर्जन विमान इंजन मिल जाएंगे।

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एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह (फोटो- @IAF)

भारतीय वायुसेना को लड़ाकू विमानों की कमी है, ये कई बार सामने आ चुका है, वायुसेना, जिन निर्मताओं से जेट खरीदने की डील की है, वो विमान देने में देरी कर रहे हैं। अब एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा है कि लड़ाकू विमानों की मौजूदा कमी को पूरा करने और भविष्य में चरणबद्ध तरीके से सेवा से बाहर होने वाले विमानों की भरपाई के लिए वायुसेना को हर साल 35 से 40 नए फाइटर जेट अपने बेड़े में शामिल करने की जरूरत है। उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी का सुझाव दिया है।

हर साल चाहिए 35-40 लड़ाकू विमान

वायुसेना प्रमुख ने शुक्रवार को चाणक्य डायलॉग में कहा, "हमें प्रति वर्ष 35-40 विमानों की आवश्यकता है और यह लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है। भारतीय वायुसेना को फाइटर जेट की मौजूदा कमी को पूरा करने की आवश्यकता है। अगले कुछ वर्षों में पुराने बेड़ों के मिराज, मिग-29 और जगुआर चरणबद्ध तरीके से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में विमानों की कमी दूर करने के लिए हर साल 35 से 40 लड़ाकू विमानों की जरूरत है।"

अगले साल तक मिलेगा 24 तेजस मार्क-1ए जेट

उन्होंने कहा कि बल को प्रति वर्ष दो स्क्वाड्रन जोड़ने की जरूरत है, जिसका मतलब है कि हमें प्रति वर्ष 35-40 विमानों की आवश्यकता है। यह क्षमता रातोंरात नहीं आ सकती। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने अगले साल 24 तेजस मार्क-1ए जेट बनाने का वादा किया है, मैं इससे खुश हूं।"

निजी भागीदारी पर जोर

वायुसेना प्रमुख ने लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों पर विचार करने का सुझाव दिया। इसके लिए उन्होंने टाटा और एयरबस के संयुक्त उद्यम द्वारा सी-295 परिवहन विमान के निर्माण का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि हम निजी भागीदारी से प्रतिवर्ष 12-18 जेट प्राप्त कर सकते हैं।

कब मिलेंगे वायुसेना को एलसीए मार्क-1ए

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना नए लड़ाकू विमान न मिलने से चिंतित है। लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में देरी से वायुसेना की क्षमता पर प्रभाव पड़ रहा है। इन लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में हो रही देरी को लेकर एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह विभिन्न मौकों पर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने पूर्व में एलसीए मार्क-1ए की आपूर्ति में हो रही देरी को स्वीकार किया और इसको लेकर चिंता व्यक्त की थी। इस पर एचएएल कह चुका है कि वह एयरफोर्स की चिंताओं से वाकिफ है और मार्च में अमेरिका से एफ-404 इंजन मिलना शुरू होने के बाद वायुसेना को जेट की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। कंपनी ने बताया कि 2025-26 में कुल एक दर्जन विमान इंजन मिल जाएंगे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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