लोकसभा में आज इस अविश्वास प्रस्ताव को पेश किया जाएगा। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं होगा जब मजबूत भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा हो। इससे पहले 2018 में भी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था। 11 घंटे तक चली बहस के बाद मोदी सरकार ने बड़ी आसानी से बहुमत साबित कर अविश्वास प्रस्ताव को गिरा दिया था।
आइए जानते हैं, अविश्वास प्रस्ताव होता क्या है? यह कैसे लाया जाता है? अब तक संसद में कितनी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है? कौन सी सरकार ने सबसे ज्यादा बाद इसका सामना किया है और अविश्वास प्रस्ताव के चलते कितनी बार सरकार गिरी है?
क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव?
संविधान के आर्टिकल-75 में नो कॉन्फिडेंस मोशन(अविश्वास प्रस्ताव) का जिक्र किया गया है। इसके अनुसार, केंद्रीय मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति जिम्मेदार होता है। यानी सदन को लगता है कि सरकार बहुमत खो चुकी है, तो प्रधानमंत्री समेत पूरे मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना होता है। सीधे शब्दों में कहें तो जब विपक्ष को लगता है कि मौजूदा सरकार के पास बहुमत नहीं रहा है, तो अविश्वास प्रस्ताव को पेश किया जाता है।
अविश्वास प्रस्ताव कैसे लाया जाता है?
जब विपक्ष के किसी दल को लगता है कि सरकार बहुमत खो चुकी है, तो उस दल को लोकसभा अध्यक्ष या स्पीकर को इसकी लिखित सूचना देनी होती है। इसके बाद स्पीकर उस दल के किसी सांसद को इसे पेश करने के लिए कहता है। इस प्रस्ताव को तब ही स्वीकार किया जा सकता है, जब सदन में उसे कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन प्राप्त हो। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के 10 दिनों के बाद इस पर चर्चा जरूरी होती है। इसके बाद स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग करा सकता है, या फिर कोई फैसला ले सकता है। यहां एक बात और भी महत्वपूर्ण है कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत नियम 198 कहता है कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को केवल लोकसभा से ही लाया जा सकता है, राज्यसभा से नहीं। वहीं, सिर्फ लोकसभा के सदस्यों के पास ही इस पर वोटिंग करने का अधिकार होता है।
अब तक कितनी बार लाया गया है अविश्वास प्रस्ताव?
लोकसभा में अब तक 27 बार अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं। सबसे पहले 1963 में पंडित जवाहर लाल नेहरू की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। तब समाजवादी नेता आचार्य कृपलानी, नेहरू सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। हालांकि, नेहरू सरकार ने आसानी से बहुमत साबित कर दिया था। इस अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में केवल 62 वोट पड़े थे, जबकि 347 वोट विरोध में थे।
किस प्रधानमंत्री के खिलाफ आए सबसे ज्यादा अविश्वास प्रस्ताव?
यह बात तो स्पष्ट हो गई है कि देश के इतिहास में अब तक 27 बार अविश्वास प्रस्ताव लाए गए हैं। हालांकि, सबसे ज्यादा बार इसका सामना करने का रिकॉर्ड इंदिरा गांधी सरकार के नाम है। इंदिरा गांधी ने कुल 15 बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना किया। वहीं लाल बहादुर शास्त्री और नरसिंह राव की सरकारों के खिलाफ तीन-तीन बार अविश्वास प्रस्ताव लाए गए थे। इसके अलावा अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। इसके अलावा राजीव गांधी, वीपी सिंह, चौधरी चरण सिंह, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी सरकार ने भी एक-एक बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना किया। हालांकि, केवल तीन बार ही सरकारें गिरी हैं। 1990 में वीपी सिंह, 1997 में एचडी देवगौड़ा और 1999 में अटल बिहारी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हुए थे।
